असम: 30 फीसदी सिलेबस कटौती के नाम पर नेहरू के चैप्टर हटाए

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, हटाए गए सिलेबस की लिस्ट असम उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद (AHSEC) की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड की गई थी.

Students (FILE)

असम (Assam) में राज्य बोर्ड की कक्षा 12वीं के पाठ्यक्रम से जवाहरलाल नेहरू, मंडल आयोग की रिपोर्ट और जाति और हाशिए पर लेखन को हटा दिया गया है. कोरोना (Coronavirus) महामारी के कारण पाठ्यक्रम में 30 प्रतिशत की कटौती करने के तहत यह फैसला लिया गया है.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, हटाए गए सिलेबस की लिस्ट असम उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद (AHSEC) की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड की गई थी. इसमें बताया गया कि उपर्युक्त विषयों को छोड़ने का निर्णय राज्य के शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों के साथ उचित परामर्श के बाद किया गया था.

रिपोर्ट की मानें तो, हटाए गए विषयों में कांग्रेस पार्टी और उसका इतिहास भी शामिल था, जैसे- कश्मीर का मुद्दा, 1962, 1965 और 1971 में चीन और पाकिस्तान के साथ युद्ध, आपातकाल, और जनता दल और बीजेपी का उदय.

पॉलिटिकल साइंस से हटाए गए टॉपिक

  • आजादी के बाद से भारत में राजनीति
  • पहले तीन आम चुनाव
  • राष्ट्र निर्माण के लिए नेहरू का दृष्टिकोण
  • पंचवर्षीय योजनाओं का अकाल और निलंबन
  • नेहरू की विदेश नीति
  • नेहरू के बाद राजनीतिक उत्तराधिकार
  • गरीबी हटाओ की राजनीति
  • गुजरात में नवनिर्माण आंदोलन
  • पंजाब संकट और 1984 के सिख विरोधी दंगे
  • मंडल आयोग की रिपोर्ट का क्रियान्वयन
  • यूएफ और एनडीए सरकारें
  • चुनाव 2004 और यूपीए सरकार
  • अयोध्या विवाद

केवल राजनीति विज्ञान सेक्शन में ही नहीं बल्कि कक्षा 12 के इतिहास के पाठ्यक्रम में अब ‘रिश्तेदारी, जाति और वर्ग’ सेक्शन शामिल नहीं है और अंग्रेजी में, ‘मेमोरीज ऑफ चाइल्डहुड’ नामक एक पाठ भी हटा दिया गया है.

“छात्रों का परीक्षा तनाव कम करना मुख्य उद्देश्य”

सिलेबस में कटौती पर AHSEC के सचिव, मनोरंजन काकती ने कहा, “यह सभी को अच्छी तरह से पता है कि हमारे राज्य के छात्रों का महामारी के कारण पहले से ही काफी समय निकल गया है. सीबीएसई द्वारा 11वीं और 12वीं कक्षा के लिए पाठ्यक्रम को कम करने का निर्णय लेने के बाद, AHSEC इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रहा था. इस महामारी की स्थिति के कारण सत्र 2020-21 के छात्रों के परीक्षा तनाव को कम करना मुख्य उद्देश्य है. ”

उन्होंने आगे बताया कि वहीं जुलाई में शिक्षा निकाय ने शिक्षाविदों और शिक्षकों से सिलेबस को कम करने पर विचार किया था और उनकी प्रतिक्रिया के आधार पर, AHSEC की शैक्षणिक समिति ने सिलेबस के 30 फीसदी सिलेबस को घटा दिया है. हालांकि, यदि शिकायतें आती हैं, तो हम फिर से बैठकें करेंगे और निर्णय लेंगे.

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