ऑटो मोबाइल सेक्टर पर मंदी की तगड़ी मार, 19 साल में पहली बार गिरा उत्पादन

भारतीय वाहन विनिर्माताओं के संगठन सियाम ने मंगलवार को इस संबंध में आंकड़े जारी किए. समीक्षावधि में घरेलू बाजार में कार की बिक्री 35.95 प्रतिशत टूटकर 1,22,956 वाहन रही. जुलाई 2018 में 1,91,979 वाहन थी.

नई दिल्ली: देश का ऑटोमोबाइल सेक्टर लगातार मुश्किल दौर से गुजर रहा है. वाहनों की बिक्री में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. यात्री वाहनों की बिक्री जुलाई में लगातार नौवें महीने गिरी है. यह 30.98 प्रतिशत घटकर 2,00,790 वाहन रही है जो जुलाई 2018 में 2,90,931 वाहन थी.

भारतीय वाहन विनिर्माताओं के संगठन सियाम ने मंगलवार को इस संबंध में आंकड़े जारी किए. समीक्षावधि में घरेलू बाजार में कार की बिक्री 35.95 प्रतिशत टूटकर 1,22,956 वाहन रही. जुलाई 2018 में 1,91,979 वाहन थी. घरेलू यात्री कारों की बिक्री में गिरावट जारी है. इस सेगमेंट में जुलाई में 35.95 फीसदी की गिरावट हुई है.

उद्योग पर्यवेक्षकों के अनुसार, जीएसटी के कारण उच्च कीमत, कम मांग, पर्याप्त नकदी की कमी से खरीद में कमी आई है. सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चर्स (एसआईएएम) के अनुसार, घरेलू बाजार में यात्री कारों की बिक्री जुलाई 2018 में बेची गई 191,979 यूनिट से घटकर 122,956 यूनिट रह गई है.

यात्री वाहनों के अन्य उप-खंडों में भारत में बेचे जाने वाले उपयोगिता वाहनों की संख्या जुलाई 2019 में 15.22 फीसदी घटकर 67,030 यूनिट रह गई, जबकि 10,804 वैन पिछले महीने बेची गईं, जो 2018 के इसी महीने बेचे गए 45.68 फीसदी से कम है. कुल मिलाकर यात्री वाहन की बिक्री जुलाई में 30.98 फीसदी गिरी.

एसआईएएम ने कहा कि वाणिज्यिक वाहन खंड में घरेलू बिक्री पिछले महीने 56,866 यूनिटों की बिक्री के साथ 25.71 फीसदी की गिरावट रही. इसी तरह से डाटा से पता चलता है कि तिपहिया वाहनों की बिक्री धीमी रही. इस खंड में 7.66 फीसदी की गिरावट हुई.

इसके अलावा दोपहिया वाहनों की कुल बिक्री 16.82 फीसदी की कमी के साथ 1,511,692 यूनिट रही. इसमें स्कूटर, मोटरसाइकिल और मोपेड शामिल हैं. एसआईएएम के अनुसार, भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर में जुलाई 2019 में कुल बिक्री 18.71 फीसदी की गिरावट रही.

यदि हाल के दिनों की बात करें तो देश के वाहन निर्माण क्षेत्र में काम कर रहे है तकरीबन 15,000 से ज्यादा लोग अपनी नौकरियां खो चुके हैं. वहीं डीलरशिप लेवल पर तकरीबन 2.5 लाख लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है. इसके अलावा तकरीबन लाखों नौकरियों पर अभी भी तलवार लटक रही है.देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से तकरीनब 3.7 करोड़ लोगों को रोजगार मिलता है, और मौजूदा हालात में ये सेक्टर बुरे दौर से गुजर रहा है.

वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में भी समीक्षावधि के दौरान गिरावट देखी गयी है. यह 25.71 प्रतिशत घटकर 56,866 वाहन रही जो पिछले साल जुलाई में 76,545 वाहन थी. विविध श्रेणियों में कुल वाहन बिक्री जुलाई में 18.71 प्रतिशत गिरकर 18,25,148 वाहन रही जो जुलाई 2018 में 22,45,223 वाहन थी.