रियलिटी शो पर बच्चों के अनुचित प्रतिनिधित्व से बचें, मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइन

सलाह में कहा गया है कि नियमों के अनुसार, टीवी पर ऐसा कोई भी कार्यक्रम नहीं होना चाहिए, जो बच्चों को बदनाम करता हो.

नई दिल्ली: सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने प्राइवेट सैटेलाइट टेलीविजन चैनलों को सलाह दी है कि वे डांस आधारित रियलिटी शो में बच्चों का उचित रूप से प्रतिनिधित्व करें. मंत्रालय ने मंगलवार को जारी एक सलाह में कहा कि कई डांस आधारित रियलिटी टीवी शो छोटे बच्चों को उन डांस मूव्स में दिखाते हैं, जो मूल रूप से फिल्मों में मनोरंजन के अन्य लोकप्रिय तरीको को दिखाने के लिए वयस्कों द्वारा किए गए हैं.

मंत्रालय की विज्ञप्ति में कहा गया, “ये कदम अक्सर विचारोत्तेजक और उम्र के अनुकूल होते हैं. इस तरह के कृत्यों का बच्चों पर चिंताजनक प्रभाव हो सकता है, उन्हें कम उम्र और प्रभावशाली उम्र में प्रभावित किया जा सकता है.”

इसमें आगे कहा गया, “मंत्रालय ने सभी प्राइवेट सैटेलाइट टीवी चैनलों को सलाह दी है कि वे डांस रियलिटी शो या अन्य ऐसे कार्यक्रमों में बच्चों को अभद्र, विचारोत्तेजक और अनुचित तरीके से दिखाने से बचें.”

विज्ञप्ति में कहा गया, “चैनलों को आगे भी ऐसे रियलिटी शो और कार्यक्रमों को दिखाने के दौरान अधिकतम संयम, संवेदनशीलता और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.”

केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 के तहत निर्धारित कार्यक्रम और विज्ञापन संहिताओं में निहित प्रावधानों और बनाए गए नियमों का पालन सभी प्राइवेट सैटेलाइट टीवी चैनलों करेंगे, ऐसी उम्मीद है.

सलाह में कहा गया है कि नियमों के अनुसार, टीवी पर ऐसा कोई भी कार्यक्रम नहीं होना चाहिए, जो बच्चों को बदनाम करता हो. इसमें आगे कहा गया कि बच्चों के लिए बने कार्यक्रमों में कटु भाषा या हिंसा का स्पष्ट दृश्य नहीं होना चाहिए.