अयोध्या में जुटे लाखों रामभक्त, सुरक्षा के कड़े इंतजामात

कानून एवं व्यवस्था को बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए एहतियात के तौर पर अयोध्या को किसी किले की तरह बदल दिया जाएगा.

अयोध्या की मशहूर चौदहकोसी यात्रा बुधवार की सुबह खतम हो गयी है लेकिन रामभक्त अभी भी वहां पर डेरा डालकर बैठे हुए हैं. होटल, सरयू घाट के तट और कई सारी धर्मशालाओं में उनके रहने की व्यवस्था की गई है. लाखों की तादाद में श्रद्धालू वहां पहुंचकर अपने ईष्ट को नमन करेंगे.

भक्तों का बहुत बड़ा समूह 12 नवंबर तक यहां रहेगा और कार्तिक पूर्णिमा के स्नान के बाद ही लाखों श्रद्धालु वापस लौटेंगे. दंगे फसाद रोकने और सांप्रदायिक समरसता बनाये रखने के इरादे से वहां पर सुरक्षा के बहुत कड़े इंतजाम किए गए हैं. अर्धसैनिक बालों को भी बुलाया गया है.

मालूम हो कि अयोध्या मामले में बहुत जल्द फैसला आने वाला है. यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी पार्टियों के मंत्रियों से शांति बनाये रखने की अपील की है. उन्होंने अपने मंत्रियों से ये भी कहा की ये मामला बेहद नाजुक है और ऐसे में बिना सोचे समझे कोई भी बयानबाजी न करें.

ayodhya case increased security before verdict, अयोध्या में जुटे लाखों रामभक्त, सुरक्षा के कड़े इंतजामात

हाल ही के मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने 2010 में जब अयोध्या के मामले पर इलाहाबाद हाई कोर्ट का फैसला आने से पहले राजनैतिक दलों और सामाजिक विचारकों ने सांप्रदायिक एकता को बचाये रखने के भरपूर प्रयास किए थे.

कानून एवं व्यवस्था को बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए एहतियात के तौर पर अयोध्या को किसी किले की तरह बदल दिया जाएगा.

आतंकी खतरे के बारे में खुफिया सूचनाओं का हवाला देते हुए मंत्रालय ने केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला के आदेश पर पिछले सप्ताह जारी एक परिपत्र के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार को सचेत किया है. प्रदेश सरकार को पुलिस बल की अधिकतम तैनाती का निर्देश दिया गया है. वहीं सोशल साइट्स पर कोई अफवाह न फैले, इसलिए इन पर भी नजर रखने के आदेश हैं.