अयोध्या मामला: रिव्यू पिटिशन दाखिल नहीं करेगा सुन्नी वक्फ बोर्ड

सुन्नी वक्फ बोर्ड की बैठक में मस्जिद की जमीन को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है. अगली बैठक में जमीन के मामले पर चर्चा होगी.
Sunni Waqf Board Ayodhya case, अयोध्या मामला: रिव्यू पिटिशन दाखिल नहीं करेगा सुन्नी वक्फ बोर्ड

अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर सुन्नी वक्फ बोर्ड रिव्यू पिटिशन दाखिल नहीं करेगा. मंगलवार को सुन्नी वक्फ बोर्ड की बैठक हुई. इस बैठक में केवल एक सदस्य अब्दुल रज्जाक रिव्यू पिटिशन दाखिल करने के पक्ष में थे. लेकिन बोर्ड ने 6-1 के बहुमत से यह फैसला लिया.

इस बैठक में मस्जिद की जमीन को लेकर हुई कोई बातचीत नहीं हुई. अगली बैठक में जमीन के मामले पर चर्चा होगी.

‘शरीयत के हिसाब से जमीन नहीं लेनी चाहिए’

बोर्ड के सदस्य अब्दुल रज्जाक ने कहा, ”रिव्यू पिटिशन दाखिल किए जाने के पीछे तर्क से बोर्ड के सदस्य सहमत थे लेकिन फैसला रिव्यू पिटिशन दाखिल न करने का हुआ है.”

”जमीन देने के मामले में बोर्ड तब चर्चा करेगा जब सरकार ये तय करेगी कि जमीन कहां देनी है, क्या रोडमेप रहने वाला है. हालांकि मेरा व्यक्तिगत मानना है कि शरीयत के हिसाब से जमीन नहीं लेनी चाहिए.”

SC ने 9 नवंबर को सुनाया था फैसला

बता दें कि अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की पीठ ने 9 नवंबर को सर्वसम्मति से ऐतिहासिक फैसला सुनाया था. निर्मोही अखाड़े के दावे को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने रामलला विराजमान और सुन्नी वक्फ बोर्ड को ही पक्षकार माना था.

SC ने इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा विवादित जमीन को तीन पक्षों में बांटने के फैसले को अतार्किक करार दिया था. आखिर में सुप्रीम कोर्ट ने रामलला विराजमान के पक्ष में फैसला सुनाया था.

कोर्ट ने साथ में यह भी आदेश दिया था कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या में ही कहीं और 5 एकड़ जमीन दी जाए. कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि वह मंदिर निर्माण के लिए 3 महीने में ट्रस्ट बनाए. इस ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़े को भी प्रतिनिधित्व देने को कहा है.

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