अयोध्या: राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका के बाद क्‍या होगा, जानें

इस मामले में एक और पक्षकार निर्मोही अखाड़ा भी था. जिसे इस विवादित जमीन का मालिकाना हक नहीं मिला. हालांकि निर्मोही अखाड़े ने फैसला किया है कि विवादित भूमि पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर वह पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं करेगा.

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट में फैसला सुनाए जाने के बाद रविवार को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने बैठक कर फैसला लिया कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा. हालांकि यहां साफ कर दें कि महज पुनर्विचार याचिका दाखिल होने से ही सुप्रीम कोर्ट 9 नवंबर के फैसले पर रोक या उसे अवैध नहीं घोषित करेगा.

पुनर्विचार याचिका को जब चैंबर में जज ओपन कोर्ट में सुनवाई कि अनुमति देंगे तो मामला आगे बढ़ेगा. मालूम हो कि जज चैंबर में ही पुनर्विचार याचिका खारिज कर सकते हैं. ऐसे में यह साफ है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के पुनर्विचार याचिका दाखिल करते ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर रोक नहीं लगेगी.

सुप्रीम कोर्ट ने 40 दिनों की लगातार सुनवाई के बाद अयोध्या की विवादित भूमि पर रामलला विराजमान के हित में फैसला सुनाया था. इस फैसले से सहमत न होने वाला एक पक्ष सुन्नी वक्फ बोर्ड भी था, जिसने पुनर्विचार याचिका दाखिल करने से इनकार कर दिया था. हालांकि इसे फंड करने वाला मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जरूर याचिका दाखिल कर रहा है.

वहीं इस मामले में एक और पक्षकार निर्मोही अखाड़ा भी था. जिसे इस विवादित जमीन का मालिकाना हक नहीं मिला. हालांकि निर्मोही अखाड़े ने फैसला किया है कि विवादित भूमि पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर वह पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं करेगा.

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