Ayodhya: सुन्नी वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत, कहा, ‘नहीं दाखिल करेंगे रिव्यू पिटिशन’

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या मामले पर ऐतिहासिक फैसला लेते हुए रामलाल विराजमान के हक में निर्देश दिया. साथ ही पांच जजों की बैंच ने मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही पांच एकड़ जमीन दी जाएगी.
Sunni Waqf Board review petition, Ayodhya: सुन्नी वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत, कहा, ‘नहीं दाखिल करेंगे रिव्यू पिटिशन’

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट में फैसला आने के बाद सुन्नी वक्फ बोर्ड ने भी साफ कर दिया है कि वह फैसले के खिलाफ रिव्यू पिटिशन दाखिल नहीं करेगा. उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जफर फारूकी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह बात कही.

सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश को स्वीकार करते हैं. साथ ही उन्होंने साफ किया कि उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कोई भी रिव्यू पिटिशन या क्यूरेटिव पिटीशन दर्ज नहीं करेगा.

जफरयाब जिलानी के रिव्यु पिटीशन वाले बयान पर सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जफर फारूकी ने कहा, ‘सुन्नी वक्फ बोर्ड को फैसला लेना है कि रिव्यु पिटीशन दाखिल करना है या नहीं.किसी वकील को तय नही करना और हमने तय कर लिया है कि अब इस मामले में कोई पिटीशन दाखिल नही करनी है. सुन्नी वक्फ बोर्ड के ज्यादातर मेम्बर की राय यही है.’

देशभर के कई मुस्लिम धर्म गुरुओं ने अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है. हालांकि एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इससे इतर बयान दिए हैं. हालांकि ओवैसी के बयानों की परवाह न करते हुए सुन्नी वक्फ बोर्ड ने कहा कि ओवैसी बोर्ड के सदस्य नहीं हैं, ऐसे में उनकी बात क्यों मानी जाए.

मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या मामले पर ऐतिहासिक फैसला लेते हुए रामलाल विराजमान के हक में निर्देश दिया. साथ ही पांच जजों की बैंच ने मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही पांच एकड़ जमीन दी जाएगी. यह जमीन सरकार देगी और सरकार ही तीन महीने में मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन करेगी.

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