‘मदरसों में नहीं पैदा होतीं नाथूराम गोडसे जैसी शख्सियतें’, मोदी सरकार के फैसले पर बिफरे आजम खान

यह बयान आजम खान ने उस बात पर दिया, जब उनसे मदरसों की शिक्षा प्रणाली को मुख्यधारा में लाने के केंद्र सरकार के फैसले पर उनकी राय पूछी गई थी.
SP Azam Khan, ‘मदरसों में नहीं पैदा होतीं नाथूराम गोडसे जैसी शख्सियतें’, मोदी सरकार के फैसले पर बिफरे आजम खान

लखनऊ: अक्सर अपने बयानों के चलते विवादों में रहने वाले समाजवादी पार्टी (सपा) नेता आजम खान एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों के घेरे में आ गए हैं. आजम खान ने अपने हालिया बयान में कहा कि मदरसों की प्रकृति नाथूराम गोडसे और प्रज्ञा ठाकुर जैसी शख्सियत पैदा करने वाली नहीं है.

यह बयान आजम खान ने उस बात पर दिया, जब उनसे मदरसों की शिक्षा प्रणाली को मुख्यधारा में लाने के केंद्र सरकार के फैसले पर उनकी राय पूछी गई थी. एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले पर बात करते हुए आजम काम ने कहा, “मदरसों की प्रकृति नाथूराम गोडसे और प्रज्ञा ठाकुर जैसी शख्सियत पैदा करने वाली नहीं है. पहले यह घोषणा करें कि नाथूराम गोडसे के विचारों का प्रचार करने वालों को लोकतंत्र का दुश्मन माना जाएगा.”

इसके साथ ही बिना भोपाल से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सांसद प्रज्ञा ठाकुर का नाम लिए आजम खान ने कहा, “सरकार यह भी घोषणा करें कि जिन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए दोषी ठहराया जाएगा, उन्हें पुरस्कृत नहीं किया जाएगा.”

रामपुर से सपा सांसद आजम खान ने आगे कहा, “मदरसों में धार्मिक तालीम दी जाती हैं. वहीं मदरसों में अंग्रेजी, हिंदी और गणित भी पढ़ाया जाता है और ऐसा हमेशा होता है. अगर आप मदद करना चाहते हैं, तो मदरसों के मानक में सुधार करें. मदरसों के लिए बिल्डिंग बनवाएं. उन्हें फर्नीचर और मिड डे मील की सुविधा प्राप्त कराएं.”

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