अजीम प्रेमजी 30 जुलाई को होंगे सेवानिवृत्त, बेटे को सौंपेंगे विप्रो की कमान

भारतीय आईटी उद्योग के दिग्गजों में से एक प्रेम जी ने अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से लौटने के बाद 21 साल की उम्र में विप्रो की जिम्मेदारी संभाली थी.

बेंगलुरू: विप्रो के संस्थापक अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अजीम एच. प्रेमजी (73) 30 जुलाई को सेवानिवृत्त हो जाएंगे और उनके बेटे तथा कंपनी के मुख्य रणनीति अधिकारी रिशद प्रेमजी उनकी जगह 31 जुलाई से संभालेंगे और कंपनी के कार्यकारी अध्यक्ष होंगे. वैश्विक सॉफ्टवेयर दिग्गज ने गुरुवार को यह जानकारी दी.

कंपनी ने एक बयान में कहा, “कंपनी के संस्थापक अजीम प्रेमजी कार्यकारी अध्यक्ष के पद से 30 जुलाई को अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद सेवानिवृत्त हो जाएंगे और उनके बड़े बेटे रिशद उनकी जगह पर 31 जुलाई से कंपनी के शीर्ष अधिकारी होंगे.”

कंपनी के मुख्य कार्यकारी (आउटसोर्सिग) अबीदाली जेड. नीमुचवाला 31 जुलाई से अरबपति प्रेमजी की जगह पर कंपनी के प्रबंध निदेशक होंगे. इसके अतिरिक्त वे अपना कार्यकाल पूरा होने तक कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रहेंगे.

भारतीय आईटी दिग्गज (प्रेमजी) 21.5 अरब डॉलर की निवल संपत्ति के साथ 31 जुलाई 2019 से 30 जुलाई 2024 तक कंपनी के कार्यकारी निदेशक के पद पर रहेंगे.

उनकी नियुक्ति का फैसला कंपनी की निदेशक मंडल की बैठक में लिया गया. बयान में कहा गया, “निदेशक मंडल ने प्रेमजी को कंपनी के संस्थापक अध्यक्ष के रूप में सम्मानित किया है.”

भारतीय आईटी उद्योग के दिग्गजों में से एक प्रेम जी ने अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से लौटने के बाद 21 साल की उम्र में विप्रो की जिम्मेदारी संभाली थी और वे 53 सालों तक इस पद पर बने रहे. उन्होंने कंपनी में अपने पिता मुहम्मद हाशिम प्रेमजी की जगह ली थी, जिमसें 1945 में वनस्पति तेल के उत्पादन के लिए वेस्टर्न इंडिया वेजिटेबल प्रोडक्टस (विप्रो) नाम की कंपनी की स्थापना की थी.