चुनाव प्रचार में मंत्रियों के फेसबुक और ट्विटर पर लगे रोक, EC में दायर की गई याचिका

चुनाव सुधार को लेकर उत्तर प्रदेश के पूर्व DGP डॉ. विक्रम सिंह ने चुनाव आयोग में एक याचिका दायर की है. इस याचिका में यह भी मांग की गई है कि सभी राजनीतिक दलों से उनके IT सेल की डिटेल्स भी मांगी जाए.

दिल्ली में चुनाव प्रचार जोरों पर है और सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है. इस बीच चुनाव आयोग में एक दिलचस्प याचिका दायर की गई है. जिससे आने वाले चुनावों में प्रचार की तस्वीर बदल सकती है.

दरअसल चुनाव सुधार को लेकर उत्तर प्रदेश के पूर्व DGP डॉ. विक्रम सिंह ने चुनाव आयोग में एक याचिका दायर की है. अपनी याचिका में उन्होंने अपील की कि चुनाव प्रचार के दौरान केंद्र और राज्य के मंत्रियों को उनके आधिकारिक ट्विटर या फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर पाबंदी होनी चाहिए.

विक्रम सिंह के वकील विराग गुप्ता का कहना है कि आज के दौर में चुनाव प्रचार में सोशल मीडिया की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो गयी है. ऐसे में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के चुनाव आयोग के संवैधानिक कर्तव्यों के पालन के लिए जरूरी है, कि आयोग राजनीतिक दलों और नेताओं के सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखे.

IT सेल की डिटेल्स भी ली जाए

इस याचिका में यह भी मांग की गई है कि सभी राजनीतिक दलों से उनके IT सेल की डिटेल्स भी मांगी जाए. याचिका में कहा गया, “दिल्ली चुनाव में बीजेपी नेता कपिल मिश्रा के ट्विटर पर दिए गए बयान के खिलाफ आयोग ने जो कार्रवाई की है, वो इस दिशा में एक सही कदम है.”

आधी सड़क पर हो रोड शो

इसके अलावा चुनाव आयोग से गुहार लगाई गई है कि प्रचार के दौरान दिल्ली को ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से भी बचाया जाए. दलील दी गयी है कि चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक रोड शो आधी सड़क पर ही होना चाहिए. ताकि लोगों को आने जाने का रास्ता मिले.

चुनावी रथ में जनरेटर पर लगे रोक 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के रोड शो का उदाहरण देते हुए इस याचिका में कहा गया कि कैसे खुद केजरीवाल भी इसकी वजह से नामांकन करने देर से पहुंचे थे. साथ ही चुनाव आयोग से यह भी अपील की गई है कि चुनावी रथों में इस्तेमाल जेनरेटर पर भी रोक लगाई जाए क्योंकि दिल्ली में जनरेटर पर बैन है.

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