CAA Protest: दिल्ली-यूपी के बाद कोलकाता में भी दिखा बांग्लादेशी, केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग

दिल्ली और यूपी में नागरिकता कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शन में बांग्लादेशी घुसपैठियों की भूमिका की जांच जारी है. इस बीच कोलकाता में हो रहे प्रदर्शन में बांग्लादेशी नागरिक ने ऐसे ही एक जुलूस में हिस्सा लिया.

देश की राजधानी नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश के बाद अब पश्चिम बंगाल में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुए प्रदर्शन में बांग्लादेशियों की भूमिका सामने आई है. कोलकाता में नागरिकता कानून पर हुए विरोध प्रदर्शन में जिस शख्स ने ‘मोदी गो बैक’ लिखा पोस्टर दिखाया था. उसकी पहचान एक बांग्लादेशी नागरिक के तौर पर हुई है. जिसका नाम नूर आलम शेख है.

दिल्ली और यूपी में नागरिकता कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शन में बांग्लादेशी घुसपैठियों की भूमिका की जांच जारी है. इस बीच कोलकाता में हो रहे प्रदर्शन में बांग्लादेशी नागरिक ने ऐसे ही एक जुलूस में हिस्सा लिया. नूर ने कोलकाता के पार्क सर्कस पर रविवार को नागरिकता कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शन में हिस्सा लिया था.

प्रदर्शन की तस्वीरों को नूर ने अपने फेसबुक पर शेयर भी किया. हाथों में पोस्टर लिए हुए उसकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. मामले के तूल पकड़ने और सुर्खियां बटोरने पर उसने पोस्ट डिलीट कर दिया. सोशल मीडिया में इस फोटो के बाद नूर आलम की गिरफ्तारी की मांग की जा रही है. लोगों ने देश की सुरक्षा के मद्देनजर इसकी जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से करवाए जाने की मांग की है.

पहले भी ऐसी हरकत करता रहा है नूर आलम

अपने फेसबुक प्रोफाइल पर नूर ने देशद्रोह का आरोप झेल रहे सीपीआई नेता कन्हैया कुमार में भी दिलचस्पी दिखाई है. इसके अलावा जेएनयू वगैरह पर भी वह लेफ्ट और इस्लामिक विचारों को बढ़ावा देने की कोशिश करता रहता है. उसने अपने फेसबुक पर इससे पहले भी नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी विरोधी पोस्ट की थी.

जानकारी के मुताबिक नूर आलम रविवार को बांग्लादेश से भारत आया था. वो यहां टूरिस्ट वीजा पर अपना इलाज कराने के लिए आया है. बांग्लादेश के मोंगला बाघेरहाट के निवासी नूर वहां एक मीडिया समूह से जुड़ा हुआ है. बतौर पत्रकार बांग्लादेश नौसेना में भी उसकी पहुंच है. इसके अलावा बांग्लादेशी सुरक्षा बलों तक भी उसका आना-जाना है.

विदेशी नागरिकों का भारत में राजनीतिक आंदोलनों मे हिस्सा लेना प्रतिबंधित होता है. नूर आलम ने फेसबुक पर एक पोस्ट लिख कर अपनी इस गलती के लिए माफी मांगी है.

लोकसभा चुनाव में भी सामने आया था ऐसा मामला

इससे पहले लोकसभा चुनाव के आसपास बांग्लादेशी नागरिक और टॉलीवुड अभिनेता फिरदौस अहमद ने तृणमूल कांग्रेस के एक उम्मीदवार के समर्थन में आयोजित रोड शो में हिस्सा लिया था. मामले के सामने आने के बाद फिरदौस को भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया था. साथ ही उसका वीजा रद्द कर दिया गया था. इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने फिरदौस अहमद को काली सूची में भी डाल दिया था.

ये भी पढ़ें –

यूपी: इस यूनिवर्सिटी से करें CAA और Article 370 का कोर्स, ऐसे लें एडमिशन

Army Day: किसी अंग्रेज को पहला आर्मी चीफ बनाना चाहते थे नेहरू, जानें कैसे आया करियप्पा का नाम