रतुल पुरी को ED ने किया अरेस्‍ट, मामा कमलनाथ बोले- उसके बिजनेस से मेरा कोई संबंध नहीं

354 करोड़ रुपये के बैंक घोटाला मामले में हुई यह पहली गिरफ्तारी है. रतुल पुरी, नीता पुरी, दीपक पूरी और अन्य डायरेक्टर के खिलाफ CBI के अलावा ED ने भी केस दर्ज कर रखा है.

मध्‍य प्रदेश सीएम कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार कर लिया है. 354 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड केस में सीबीआई ने हाल ही में पुरी और मोजरबेयर के अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया था. सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के उप महाप्रबंधक मुरली छेत्री की शिकायत पर यह केस दर्ज किया गया था. इस मामले में हुई यह पहली गिरफ्तारी है.

रतुल पुरी के कार्यालय की ओर से जारी बयान में उनकी गिरफ्तारी को ‘दुर्भाग्‍यपूर्ण’ बताया गया है. बयान में कहा गया, “ED द्वारा गिरफ्तारी दुर्भाग्‍यपूर्ण है. मोजर बेयर ने अब तक सभी कानूनी प्रावधानों का पालन किया है और अब जब मोजर बेयर NCLT में है, यह मामला मोटिवेटेड है.”

गिरफ्तारी पर कमलनाथ ने कहा कि उनका रतुल के व्‍यापार से कोई संबंध नहीं है. उन्‍होंने कहा कि “रतुल पुरी के व्यापार से मेरा कोई संबंध नहीं है. कभी रहा भी नहीं है. ये जो गिरफ्तारी की गई है, ये दुर्भावना से की गई है. सब संस्‍थाओं का जिस तरह दुरुपयोग किया जा रहा है, बहुत दुख की बात है. मुझे विश्‍वास है अदालत इसका सही फैसला करेगी.”

ED ने यह कार्रवाई केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा पुरी, उनकी कंपनी, उनके पिता व प्रबंध निदेशक दीपक पुरी, निदेशकों नीता पुरी (रतुल की मां और कमलनाथ की बहन), संजय जैन और विनीत शर्मा के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार के आरोप में मामला दर्ज करने के तीन दिन बाद की है,

CBI ने रविवार को आरोपी निदेशकों के आवासों और कार्यालयों सहित छह स्थानों पर तलाशी भी ली थी. बैंक ने एक बयान में कहा था कि रतुल ने 2012 में कार्यकारी निदेशक के पद से इस्तीफा दे दिया था, जबकि उनके माता-पिता बोर्ड में बने रहे. कंपनी कॉम्पैक्ट डिस्क, डीवीडी, सॉलिड स्टेट स्टोरेज डिवाइस जैसे ऑप्टिकल स्टोरेज मीडिया के निर्माण में शामिल है.

मोजर बेयर समेत तमाम जगह सीबीआई सर्च पूरी हो चुकी थी. CBI ने वहां से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, आई पेड और मोबाइल जब्त किये थे. रेड के दौरान सीबीआई ने बैंक फ्रॉड केस से जुड़े कई अहम दस्तावेज बरामद किए हैं.

CBI ने भी दर्ज किया बैंक फ्रॉड का केस

CBI ने एमबीआईएल के प्रबंध निदेशक दीपक पुरी, कंपनी में पूर्णकालिक निदेशक उनकी पत्नी नीता पुरी, एमबीआईएल के पूर्व कार्यकारी निदेशक उनके पुत्र रतुल पुरी, निदेशक संजय जैन, विनीत शर्मा और अन्य अज्ञात सरकारी सेवकों व अन्य व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक दुर्व्यव्यवहार व आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज किया है.

रतुल पुरी अपनी कंपनियों के माध्यम से अगस्ता वेस्टलैंड सौदे में कथित तौर पर रिश्वत लेने के लिए भी सवालों के घेरे में हैं. ED ने आरोप लगाया है कि रतुल पुरी के स्वामित्व वाली और उनके द्वारा संचालित कंपनियों से जुड़े खातों का इस्तेमाल VVIP हेलिकॉप्टर सौदे में रिश्वत और काला धन प्राप्त करने के लिए किया गया था.

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