एक और भगोड़ा काराोबारी हुआ गिरफ्तार, बैंक को लगाया था 8100 करोड़ रुपये का चूना

नीरव मोदी की गिरफ्तारी के बाद ईडी के हाथों एक और बड़ी कामयाबी आई है

भगोड़ी हीरा कारोबारी नीरव मोदी के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. बैंक फ्रॉड में शामिल हितेश नरेंद्र भाई पटेल को अल्बानिया में गिरफ्तार कर लिया गया है. हितेश पटेल के खिलाफ जांच एजेंसियों ने इंटरपोल के जरिये लुक आउट नोटिस भी जारी किया हुआ था. स्टार्लिंग बायोटेक समूह ने कतिथ रूप से 5000 करोड़ रुपये का बैंक फ्रॉड किया था. ईडी सूत्रों के मुताबिक, हितेश नरेंद्र भाई पटेल को अल्बानिया के तिराना इलाके से 20 मार्च को गिरफ्तार किया गया था. अब जल्द ही ईडी की एक टीम अल्बानिया के लिए निकलेगी और हितेश पटेल के जल्द प्रत्यर्पण का प्रयास किया जाएगा.

सन्देसरा ग्रुप और स्टार्लिंग बायोटेक घोटाले में हितेश पटेल एक और आरोपी था, जिसने गिरफ्तारी से बचने के लिए अमेरिका की नागरिकता ली हुई थी. जांच एजेंसी के मुताबिक, पकड़ा गया हितेश पटेल इस बैंक फ्रॉड के मुख्य आरोपियों संदेसरा भाइयों नितिन एवं चेतन संदेसरा का रिश्तेदार है. ईडी ने हितेश नरेंद्र भाई पटेल के खिलाफ 11 मार्च को इंटरपोल की ओर से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया था. ईडी को शक था कि हितेश अल्बानिया से फरार हो सकता है. इसी वारंट के आधार पर अब अल्बानिया की जांच एजेंसियों ने पटेल को तिराना से गिरफ्तार किया है.

क्या था पूरा मामला?

ईडी और सीबीआई स्टार्लिंग बायोटेक और सन्देसरा ग्रुप ऑफ कंपनी और उसके निदेशकों संदेसरा बंधु, दीप्ति चेतन संदेसरा, राजभूषण ओमप्रकाश दीक्षित, विलास जोशी, चार्टर्ड अकाउंटेंट हेमंत हाथी, आंध्रा बैंक के पूर्व निदेशक अनूप गर्ग और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ बैंक फ्रॉड का मामला दर्ज किया था. इन सभी पर आरोप है कि कंपनी ने आंध्रा बैंक से वहां के कुछ बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लिया था, जो नॉन परफार्मिंग एसेट (एनपीए) बन गया. ब्याज समेत कुल धोखाधड़ी 8100 करोड़ रुपये की है. ईडी ने इस बैंक फ्रॉड में अभी तक पांच चार्जशीट दायर की हैं. साथ ही, इस मामले में 4,710 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की गयी हैं. इस मामले में सरकारी अधिकारियों द्वारा 140 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगा था जिसकी फिलहाल ईडी जांच कर रही है.

साथ ही, जांच एजेंसी को शक है कि नितिन जयंतीलाल सन्देसरा और चेतन कुमार जयंतीलाल सन्देसरा दोनों भाई भी फिलहाल अल्बानिया में मौजूद हैं और वहां की नागरिकता ले चुके हैं. जिसके बाद इसी साल अदालत ने सन्देसरा बंधुओ के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है. ईडी को शक है कि हितेश नरेंद्र भाई पटेल संदेसरा ग्रुप के लिए गैर-कानूनी तरीके से कैश के लेनदेन का काम देखता था. हितेश सन्देसरा बंधुओं की कई कंपनियों में डायरेक्टर के पद पर भी था और उसने कई लक्जरी गाड़ियां खरीदने के लिए बैंक से लिये गए कर्ज को इधर-उधर किया. हितेश के खिलाफ जब तक जांच एजेंसी ने समन भेजा तब तक वो देश छोड़कर भाग चुका था.