बेअंत सिंह के हत्‍यारे को नहीं दी गई है माफी, पंजाब में तनाव के बीच शाह की सफाई

पंजाब पुलिस में कांस्‍टेबल रहे बलवंत सिंह राजोआना को जुलाई 2007 में स्‍पेशल कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी. उसकी फांसी पर 2012 में यूपीए सरकार ने रोक लगा दी थी.

1995 में पंजाब के तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री बेअंत सिंह के हत्‍यारे बलवंत सिंह राजोआना को माफ नहीं किया गया है. गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा में यह जानकारी दी. क्‍वेश्‍चन ऑवर के दौरान, कांग्रेस सांसद बिट्टू सिंह ने शाह से पूछा था कि राजोआना को क्‍यों माफ किया गया है. गृह मंत्री ने मीडिया रिपोर्ट्स पर भरोसा ना करने की अपील करते हुए कहा, “कोई माफी की नहीं गई है.” पंजाब में इस बात को लेकर बेहद तनाव है.

बिट्टू रिश्‍ते में बेअंत सिंह के पोते हैं. बेअंत सिंह ने पंजाब में आतंकवाद खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. 31 अगस्‍त, 1995 में पंजाब सिविल सेक्रेटेरियट के बाहर हुए धमाके में राजोआना को दोषी पाया गया था. इस धमाके में बेअंत सिंह के अलावा 16 अन्‍य लोग भी मारे गए थे.

गृह मंत्री का बयान पिछले महीने प्रकाशित उन रिपोर्ट्स के उलट है, जिनमें कहा गया था कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राजोआना की मौत की सजा को कम कर दिया है. राजोआना (52) फिलहाल पटियाला केंद्रीय कारावास में बंद है.

पंजाब पुलिस में कांस्‍टेबल रहे राजोआना को जुलाई 2007 में स्‍पेशल कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी. ‘बब्बर खालसा’ का आतंकी इस मामले में दूसरा मानव बम था. पहले आत्‍मघाती हमलावर दिलावर सिंह के असफल होने की स्थिति में राजोआना को इस्‍तमाल किया जाता.

राजोआना को 31 मार्च, 2012 को फांसी दी जानी थी, 28 मार्च को तत्‍कालीन यूपीए सरकार ने इसपर रोक लगा दी. ऐसा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की दया याचिका पर किया गया. तब पंजाब की सत्‍ता में रही शिरोमण‍ि अकाली दल ने इसका विरोध किया था.

राष्‍ट्रपति ने दया याचिका गृह मंत्रालय के पास भेजी थी. तब से यह वहीं पर लंबित पड़ी हुई थी.

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