जम्मू कश्मीर में अंडरग्राउंड मिलिटेंसी की शुरुआत, सेना-सुरक्षा एजेंसियों ने कसी कमर

घुसपैठ के लिए भी जम्मू से इस्तेमाल होने वाली सुरंग कहीं न कहीं जम्मू कश्मीर में अंडरग्राउंड मिलिटेंसी (Underground Militancy) की शुरुआत का इशारा कर रही है. इस नई चुनौती को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि वो हर तरह के आतंकवाद को तोड़ने में सक्षम है.

आतंकी ठिकाना (फाइल फोटो)
आतंकी ठिकाना (फाइल फोटो)

जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों के सख्त प्रहार के बाद अब घाटी में आतंकवादी अंडर ग्राउंड हो गए हैं और ऐसे हाइड आउट (ठिकाने) बनाने के लिए मजबूर हो गए हैं, जिसमें वह सामान रखने के साथ-साथ सुरक्षा बलों से छुप के भी रह सकते हैं. वहीं दूसरी तरफ घुसपैठ के लिए भी जम्मू से इस्तेमाल होने वाली सुरंग कहीं न कहीं जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) में अंडरग्राउंड मिलिटेंसी (Underground Militancy) की शुरुआत का इशारा कर रही है. इस नई चुनौती को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि वो हर तरह के आतंकवाद को तोड़ने में सक्षम है.

हाल ही में सुरक्षा बलों ने कश्मीर में आतंकियों के ऐसी ही कई ठिकानों का भंडाफोड़ किया है. ऐसे हाइड आउट्स की संख्या एक महीने के अंदर 25 तक पहुंच गई है, लेकिन इन हाइड आउट्स में जो खास बात अब देखी जा रही है, वह ये है कि इनका इस्तेमाल केवल असलाह बारूद के लिए नहीं बल्कि अब आतंकियों द्वारा रहने के लिए भी किया जा रहा है, ताकि वे सुरक्षा बलों से छुप के रह सकें.

हाइड आउट्स के पास मारे गए कई आतंकी कमांडर

दिलचस्प बात ये है कि हाल ही में हुए कई एनकाउंटर्स भी ऐसे ही हाइड आउट्स के आस पास हुए हैं, जिनमें कई आतंकी कमांडर मारे गए हैं. मिसाल के तौर पर, हिजबुल मुजाहिद्दीन का कमांडर रियाज नाइकू भी ऐसे ही एक हाइड आउट के पास मारा गया, जहां सुरक्षा बलों को JCB मशीन के जरिए पहले खुदाई करनी पड़ी थी.

हाल ही में जम्मू में स्थित अंतरराष्ट्रीय सीमा के आस पास ऐसी कई सुरंगें मिली हैं, जिनका इस्तेमाल घुसपैठिए भारत में घुसपैठ के लिए करते थे और सुरंगों का पर्दाफाश भी सुरक्षा एजेंसियों ने किया और आने वाले समय में सुरक्षा एजेंसी का इस अंडरग्राउंड मिलिटेंसी से भी लड़ने के लिए सक्षम होने का दावा है.

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