बेंगलुरु: कोमा से बाहर आने पर याद किया हादसा, मारने की कोशिश में 10 साल बाद दो दोस्तों को सजा

कोमा से बाहर आए पीड़ित सौविक चटर्जी ने पुरानी घटना को याद करते हुए पुलिस (Police) को दोषियों के बारे में जानकारी दी. पुलिस ने दोनों आरोपी दोस्तों को गिरफ्तार (Arrest) कर लिया.

दोस्त को मारने की कोशिश के 10 साल बाद आरोपियों को मिली सजा.

बेंगलुरु (Bengaluru) के आरके पुरम में एक इंजीनियर छात्र को तीन मंजिला इमारत (Three Story Building से फेंकने के 10 साल के बाद उसके दो दोस्तों (Two Friends) को सात साल की सजा सुनाई गई है. दरअसल छात्र इमारत से गिरने के बाद कोमा (Coma) में चला गया था. छात्र के दोनों दोस्तों को हत्या की कोशिश (Tried To Kill) के आरोप में सात साल की जेल हुई है.

एक साल बाद कोमा (Coma) से बाहर आए पीड़ित छात्र सौविक चटर्जी ने पुरानी घटना को याद करते हुए पुलिस को दोषियों के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस (Police) की टीम ने पीड़ित के साथ हुई घटना का स्केच बनाया, जिसके बाद उसके दोनों दोस्तों पर आरोप साबित हो गया.

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पुलिस ने दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार

पुलिस ने असम की एक प्राइवेट बैंक में काम करने वाले 29 साल के शशांक दास और बेंगलुरु की आईटी कंपनी में काम करने वाले 32 साल के कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया.

सौविक चटर्जी पिछले कई सालों से कोलकाता में कोमा की हालत में बिस्तर पर पड़े थे, दोस्तों ने दो अज्ञात लोगों के साथ मिलकर उसकी जान लेने की कोशिश की थी. शशांक दास सौविक का क्लासमेट था, वहीं कुमार साहू उस समय इंजिनियरिंग कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएट का छात्र था.

महिला दोस्त की वजह से दोस्ती में पड़ी दरार

जांच में पता चला है कि शशांक दास शौविक चटर्जी की दोस्त, सोनाली नाम की एक इंजीनियरिंग की छात्रा को पसंद करता था. सोनाली की मां के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के बाद शौविक चटर्जी ने शशांक के साथ दोस्ती तोड़ दी थी.

गुस्साए शशांक ने अपने दोस्त कुमार साहू के साथ मिलकर 6 दिसंबर 2010 को शौविक को इमारत की छत पर बुलाया, और दो स्थानीय लोगों के साथ मिलकर उसे छत से नीचे फेंक दिया. सिर में गंभीर चोट लगने की वजह से सौविक कोमा में चला गया था, दो महीने तक वह बेंगलुरु के एक अस्पताल में भर्ती रहा, उसके बाद उसे कोलकाता रेफर कर दिया गया.

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अगस्त 2011 में उसे अपने साथ हुई पूरी घटना याद आ गई, जिसके बाद उसने पुलिस को पूरा मामला बताया. अवलाहल्ली पुलिस ने 23 दिसंबर 2011 को शशांक और दूसरे आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया था.

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