कश्मीर पर ट्रंप के दावे को लेकर ट्वीटर पर कांग्रेसी विधायक से भिड़े तेजस्वी सूर्या, कर दी बोलती बंद

रॉयटर्स की रिपोर्ट में दावा किया गया कि इमरान खान से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने भी उनसे कश्‍मीर मसले पर मदद के लिए कहा था.

नई दिल्ली: पाकिस्‍तान के पीएम इमरान खान ने सोमवार को अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के साथ मुलाकात की. इस बैठक के बाद रॉयटर्स और पाकिस्‍तान मीडिया में कश्‍मीर से जुड़े दो प्रमुख दावे निकलकर सामने आए. पहला दावा- पाकिस्‍तानी मीडिया ने कहा कि इमरान खान के साथ मीटिंग में ट्रंप ने कश्‍मीर मसले पर मध्‍यस्‍थता की पेशकश की है. हालांकि एमईए ने इसका खंडन किया था. अब इस मामले में सियासत भी गर्मा गई थी.

बेंगलुरु साउथ संसदीय सीट से पहली बार सांसद चुनकर आए तेजस्वी सूर्या भी इस मामले में कूद पड़े हैं. दरअसल, कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने ट्रंप और इमरान खान की प्रेसवार्ता का एक वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा कि या तो यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप झूठ बोल रहे हैं या फिर पीएम मोदी. ये एक मुश्किल फैसला है.

इसके जवाब में तेजस्वी सूर्या से ट्वीट करते हुए लिखा, दुर्भाग्य की बात है कि एक राज्य सरकार का मौजूदा मंत्री अपने ही देश के प्रधानमंत्री को संदेह का लाभ भी नहीं देता है. चले गए कांग्रेस के जमाने के नेतृत्वविहीन नेतृत्व के दिन, सर. यदि आपको अभी तक इसका एहसास नहीं हुआ है, तो यह पीएम नरेंद्र मोदी हैं जो आज हमारा नेतृत्व कर रहे हैं.”

रॉयटर्स की रिपोर्ट में दावा किया गया कि इमरान खान से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने भी उनसे कश्‍मीर मसले पर मदद के लिए कहा था.

गौरतलब है कि ट्रंप और इमरान खान ने मीटिंग के बाद पत्रकारों से बात की, जिसका वीडियो भी सामने आया है. इस वीडियो में ट्रंप कह रहे हैं, ‘पीएम मोदी और मैं दो हफ्ते पहले मिले थे. इस दौरान कश्‍मीर पर हमारी बात हुई और पीएम मोदी ने कहा कि क्‍या आप कश्‍मीर पर मध्‍यस्‍थता करेंगे? मुझे लगता है कि भारत-पाकिस्‍तान दोनों इस मुद्दे को हल करना चाहते हैं, मुझे खुशी होगी अगर मैं इस मुद्दे में कुछ कर पाऊं.’

इमरान खान-डोनाल्‍ड ट्रंप के बीच बातचीत में कश्‍मीर और पीएम मोदी के मदद के लिए की बात सामने आने के कुछ देर बाद ही व्‍हाइट हाउस ने एक रिलीज जारी की. इसमें न तो पीएम मोदी का जिक्र है और न ही कश्‍मीर का. भारतीय विदेश मंत्रालय ने डोनाल्‍ड ट्रंप और इमरान खान के बीच बातचीत में कश्‍मीर के जिक्र पर बिना देरी किए प्रतिक्रिया दी और दोनों दावों को सिरे से खारिज कर दिया.

इससे पहले पाकिस्‍तानी अखबार डॉन की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट में दावा किया गया कि ट्रंप ने इमरान के साथ मुलाकात के दौरान कश्‍मीर मसले पर भारत-पाकिस्‍तान के बीच मध्‍यस्‍थता की पेशकश की है.

रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्‍ड ट्रंप ने इमरान खान से कहा, ‘अगर मैं मदद कर सकता हूं तो मुझे मध्‍यस्‍थता करने में बेहद खुशी होगी. अगर मेरे लायक कुछ भी तो मुझे बताना मैं मदद के लिए तैयार हूं.’

वहीं, समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने ट्रंप के हवाले से यह भी लिखा है कि मीटिंग के दौरान अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने इमरान खान को बताया, ‘भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मुझसे विवादित कश्‍मीर मसले पर मदद के लिए कहा है.’

यहां गौर करने की बात है कि भारत कभी भी कश्‍मीर मसले पर तीसरे पक्ष के हस्‍तक्षेप के खिलाफ रहा है.

ट्रंप और इमरान खान की मुलाकात के दौरान अफगानिस्‍तान का मुद्दा भी उठा. पाकिस्‍तानी के पीएम ने ट्रंप को सुझाव दिया कि अफगानिस्‍तान की समस्‍या का एक ही हल है और वह है- शांति समझौता. इमरान खान ने उम्‍मीद जताई कि आने वाले दिनों में हम तालिबान के साथ वार्ता करने की स्थिति में होंगे.

पाकिस्‍तानी चैनल dunyanews की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप और इमरान खान के बीच बातचीत के दौरान अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे 8000 पाकिस्‍तानी नागरिकों का मुद्दा भी उठा. बैठक के दौरान ट्रंप ने स्‍पष्‍ट संकेत दिया कि वह जल्‍द से जल्‍द इन 8000 पाकिस्‍तानियों की वतन वापसी चाहते हैं.