जानें, आंध्र प्रदेश के अलावा किन राज्यों की हैं एक से ज्यादा राजधानी और किसकी नहीं है परमानेंट कैपिटल

आंध्र प्रदेश तीन राजधानियों वाला देश का पहला राज्य बन गया है. अब अमरावती के अलावा विशाखापत्तनम और कुर्नूल भी राज्य की दो अलग राजाधानियां होंगी. 

आंध्र प्रदेश पहला ऐसा राज्य होगा जिसकी तीन राजधानियां होंगी. राज्य की विधानसभा में सोमवार को एक विधेयक पेश किया गया, जिसमें अमरावती के भविष्य पर असमंजस पैदा करते हुए राज्य में दो और राजधानी होने का प्रस्ताव रखा. सदन में लंबी बहस के बाद यह बिल बिना किसी संशोधन के पास हो गया. अब अमरावती के अलावा विशाखापत्तनम और कुर्नूल भी राज्य की दो अलग राजधानियां होंगी.

इसके तहत विशाखापत्तन को कार्यकारी राजधानी, अमरावती को विधायी राजधानी और कुर्नूल को न्यायिक राजधानी की मान्यता दी गई है. आंध्र प्रदेश के अलावा देश में कई ऐसे राज्य हैं जिनकी एक से ज्यादा राजधानियां हैं.

महाराष्ट्र- मुंबई और नागपुर

अगर आपसे पूछा जाए कि महाराष्ट्र की राजधानी क्या है? तो शायद अधिकतर लोगों का जवाब हो मुंबई. लेकिन क्या आपको पता है कि महाराष्ट्र देश के उन राज्यों में से एक है जिनकी मल्टीपल यानी एक से ज्यादा राजधानी हैं. महाराष्ट्र राज्य की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार नागपुर महाराष्ट्र की दूसरी राजधानी के साथ-साथ राज्य की शीतकालीन राजधानी (Winter Capital) भी है. वहीं मुंबई महाराष्ट्र की ग्रीष्मकालीन राजधानी (Summer Capital) है. 1953 के नागपुर पैक्ट के तहत नागपुर शहर को महाराष्ट्र की दूसरी राजधानी बनाया गया था.

हिमाचल प्रदेश- शिमला और धर्मशाला

साल 2017 तक शिमला हिमाचल प्रदेश की इकलौती राजधानी थी. लेकिन वीरभद्र सिंह सरकार ने 20 जनवरी 2017 को धर्मशाला को हिमाचल प्रदेश की शीतकालीन राजधानी (Winter Capital) के तौर पर मान्यता दी. वहीं शिमला हिमाचल प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी (Summer Capital) है.

जम्मू-कश्मीर- जम्मू और श्रीनगर

हाल ही में केंद्र शासित प्रदेश बने जम्मू-कश्मीर की भी दो राजधानी हैं. इसमें जम्मू शीतकालीन राजधानी (Winter Capital) और श्रीनगर ग्रीष्मकालीन राजधानी (Summer Capital) के तौर पर जानी जाती हैं. इससे पहले लद्दाख क्षेत्र भी जम्मू-कश्मीर में ही आया करता था. लेकिन 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर राज्य से अनुच्छेद-370 हटाने के साथ ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो अलग-अलग केंद्र शासित राज्यों की मान्यता दी गई थी.

उत्तराखंड- अस्थायी राजधानी वाला राज्य

नौ नवंबर 2000 को उत्तरांचल नाम से देश को उसका 27वां राज्य मिला. उस समय इस राज्य की स्थायी राजधानी को लेकर एक राय न बन पाने के चलते वहां के सबसे बड़े शहर देहरादून को ही इसकी अस्थायी राजधानी बना दिया गया. तब से लेकर अब तक 19 साल गुजर गए. इस बीच राज्य का नाम भी उत्तरांचल से उत्तराखंड हो गया लेकिन राज्य को अपनी स्थायी राजधानी नहीं मिली है. अलग राज्य बनने से पहले ही चमोली जिले के गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग उठती रही है. लेकिन आज तक भी इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है. हालांकि इस बीच गैरसैंण में करोड़ों रुपए खर्च कर एक नया विधानसभा भवन जरूर बना दिया गया है.

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