खेती कानून: भगत सिंह के गांव में आज कांग्रेस का धरना, पंजाब में चढ़ने लगा सियासी पारा

खेती बिलों (Farm Bills) को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच आज शहीद भगत सिंह (Bhagat Singh) की जयंती है. शहीद ए आजम की 113वीं जयंती पर पंजाब में राजनीतिक पारा चढ़ने के पूरे-पूरे चांस हैं.

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खेती विधेयकों पर किसानों का विरोध

खेती बिलों (Farm Bills) को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच आज शहीद भगत सिंह (Bhagat Singh) की जयंती है. शहीद ए आजम की 113वीं जयंती पर पंजाब में राजनीतिक पारा चढ़ने के पूरे-पूरे चांस हैं. बिलों को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की मंजूरी मिलने के बावजूद किसानों और विपक्षी पार्टियों का प्रदर्शन जारी है. इस बीच इस बात की पूरी उम्मीद है कि आज से पंजाब में सियासी हलचल और ज्यादा बढ़ जाएगी.

बता दें कि खेती बिलों के विरोध में अकाली दल पहले ही एनडीए सरकार से अलग हो चुकी है. दूसरी तरफ पंजाब की कांग्रेस सरकार पहले ही बिलों के खिलाफ है. आम आदमी पार्टी भी केंद्र सरकार के कदम के समर्थन में नहीं है. वैसे पंजाब में विधानसभा चुनाव होने में अभी 16 महीनों से भी ज्यादा का वक्त बचा हुआ है लेकिन पार्टियां अपने काडर को अभी से जुटाने में लग गई हैं और इसकी शुरुआत आज से होनेवाली है.

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भगत सिंह के गांव में कांग्रेस का धरना

कांग्रेस पार्टी भगत सिंह (Bhagat Singh) की जयंती के मौके पर धरना प्रदर्शन करने जा रही है. इसके लिए खटकर कलान को चुना गया है, यह भगत सिंह का जन्मस्थान बताया जाता है. इस धरना प्रदर्शन में हरीश रावत, सीएम अमरिंदर सिंह, सुनील जाखड़ समेत सभी विधायक और नेता शामिल होंगे. बता दें कि रावत को पंजाब कांग्रेस अफेयर्स का इंचार्ज बनाया गया है. पंजाब का यह उनका पहला कार्यक्रम होगा. जानकारी मिली है कि पार्टी गांधी जयंती (2 अक्टूबर) को भी बड़ा प्रदर्शन कर सकती है.

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दूसरी तरफ अकाली दल ने अपने पार्टी कर्यकर्ताओं को 1 अक्टूबर को जुटने को कहा है. सभी समर्थकों को 1 अक्टूबर को चंडीगढ़ में जुटने को कहा गया है. इसी तरह आम आदमी पार्टी के नेता भगवंत मान गांव-गांव जाकर पंचायतों को बिलों के कथित नुकसान गिना रहे हैं.

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