‘युद्ध’ की तरह हर चुनाव को लेने वाले बीजेपी के ‘चाणक्य’ की ये है सक्सेस स्टोरी

भाजपा की जीत के पीछे अमित शाह की कड़ी मेहनत और लगन दिखाई देती है. शाह की सफलता का मंत्र लगातार यात्रा और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ सामूहिक संपर्क स्थापित करना है.

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को गुजरात के गांधीनगर सीट से नामांकन दाखिल किया. ये पहला मौका है जब अमित शाह लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं. हालांकि गुजरात से राज्यसभा सांसद के रूप में वो संसद पहले ही पहुंच चुके हैं.

गांधीनगर लोकसभा सीट से शाह का जीतना तय माना जा रहा है. क्योंकि ये सीट भाजपा की गढ़ मानी जाती है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और भाजपा मार्गदर्शक मंडल के प्रमुख चेहरे लालकृष्ण आडवाणी साल 1998 से लगातार यहां के सांसद हैं.

बीजेपी को बनाई दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी
अमित शाह को भाजपा का चाणक्य कहा जाता है. एक समय लोग उन्हें अजेय भी कहने लगे थे. भारतीय जनता पार्टी को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनाने का श्रेय अमित शाह को ही जाता है.

साल 2014 में अमित शाह को पार्टी अध्यक्ष की कमान सौंपी गई थी. इसके कुछ समय बाद ही हरियाणा और महाराष्ट्र में विधानसभा के चुनाव हुए. इन दोनों राज्यों बीजेपी को जीत हासिल हुई.

शाह की अगुवाई में इस जीत ने एक सिलसिले का रूप धारण कर लिया. जम्मू-कश्मीर, झारखंड, असम, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर, हिमाचल प्रदेश, त्रिपुरा, नगालैंड और मेघालय में भाजपा की सरकार बनी.

Amit Shah, ‘युद्ध’ की तरह हर चुनाव को लेने वाले बीजेपी के ‘चाणक्य’ की ये है सक्सेस स्टोरी

‘युद्ध’ की तरह लेते हैं हर चुनाव
कहा जाता है कि शाह हर चुनाव को ‘युद्ध’ की तरह लेते हैं. पार्टी की जीत के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और लगन दिखाई देती है. शाह की सफलता का मंत्र लगातार यात्रा और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ सामूहिक संपर्क स्थापित करना है.

शाह अपने कार्यकाल में लगभग पूरे देश की यात्रा कर चुके हैं. एक आंकड़े के मुताबिक वह अब तक साढ़े पांच लाख किमी से अधिक की यात्रा कर चुके हैं. शाह के काम को देखते हुए लोग उन्हें बीजेपी का ‘सीईओ’ भी कहते हैं.

बीजेपी के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब कार्यकर्ताओं के लिए राष्ट्रीय, राज्यस्तरीय, जिला स्तरीय और ब्लॉक स्तरीय ट्रेनिंग कैंप लगाए गए. शाह के नेतृत्व में इन कैंपों में 2015 में 7.25 लाख से अधिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया था. इससे पहले 3,500 कार्यकर्ता ही ट्रेनिंग कैंप का हिस्सा बना करते थे.

630 जिलों में खुलेगा भाजपा कार्यालय!
बीजेपी ने इस साल देशभर में कई नए कार्यालय खोले हैं. साथ ही सैकड़ों नए कार्यालय बनाए जाने का काम भी चल रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2016 में बीजेपी के पास पूरे देश में 280 कार्यालय थे.

बताया जा रहा है कि बीजेपी देश के कुल 630 जिलों में कार्यालय खोलने वाली है. इस पर काम बहुत जोर-शोर से चल रहा है. अकेले उत्तर प्रदेश के ही 51 जिलों में नए कार्यालय खोले जा चुके हैं. पार्टी के विस्तार का ये सब काम अमित शाह की अध्यक्षता में हो रहा है.

Amit Shah, ‘युद्ध’ की तरह हर चुनाव को लेने वाले बीजेपी के ‘चाणक्य’ की ये है सक्सेस स्टोरी

80 में से 73 सीटों पर दिलाई जीत
अमित शाह की क्षमता से देश उस वक्त पहली बार वाकिफ हुआ जब उन्हें 2014 लोकसभा चुनाव में बीजेपी का इनचार्ज बनाकर भेजा गया. शाह ने यूपी में पार्टी को बढ़त दिलाने के लिए जी-जान लगा दिया था. उन्होंने राज्य में एक साल का समय बिताया.

शाह ने राज्य के कई जिलों का दौरा किया. ढेर सारी सभाएं कीं. लोगों से संवाद स्थापित किया. भाजपा के स्थानीय नेताओं को एकजुट किया. सबने मिलकर काम किया. मेहनत रंग लाई. भाजपा ने 80 में से 73 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की.

ढहाया लेफ्ट का किला
त्रिपुरा में 25 साल बाद बीजेपी की सरकार बनी. शाह की अध्यक्षता में पार्टी ने राज्य से लेफ्ट का किला ढहा दिया. विप्लव देब त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बने. लेकिन साल 2018 के मई महीने में कर्नाटक में विधानसभा चुनाव हुए. भाजपा अपनी सरकार बना पाने में सफल नहीं हुई. इससे शाह पर सवाल उठे.

अजेय छवि को लगा धक्का
इसके बाद इसी साल दिसंबर महीने में मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव हुए. भाजपा की मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ से सत्ता चली गई. इससे अमित शाह की अजेय छवि को धक्का जरूर लगा है.

Amit Shah, ‘युद्ध’ की तरह हर चुनाव को लेने वाले बीजेपी के ‘चाणक्य’ की ये है सक्सेस स्टोरी

‘मोदी के हैं उत्तराधिकारी’
अमित शाह को कुछ लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराधिकारी बता रहें हैं. चूंकि 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी 73 साल के हो जाएंगे. और वो शायद ही प्रधानमंत्री के रूप में एक और कार्यकाल की चाह रखें. वहीं, भाजपा में 75 वर्ष के बाद चुनाव नहीं लड़ने का मानक तय किया गया है.

कहा जा रहा है कि 2019 लोकसभा चुनाव में अगर भाजपा की जीत मिलती है तो अमित शाह गृह मंत्रालय का जिम्मा संभालेंगे. इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि भाजपा का चाणक्य अमित शाह का अगला लक्ष्य पीएम की कुर्सी ही है.