फ्लोर टेस्ट में पास हुए गोवा के नए CM प्रमोद सावंत

गोवा की 36 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत सिद्ध करने के लिए किसी भी पार्टी को 19 अंक तक पहुंचना था. भाजपा की अगुआई वाली गठबंधन सरकार ने इस आंकड़े को आसानी से छू लिया.

पणजी: गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बुधवार को विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया. गोवा की 36 सीटों वाली विधानसभा में 20 वोट भाजपानीत गठबंधन सरकार के पक्ष में पड़े. बुधवार सुबह 11.30 बजे शुरू हुए सत्र में विधानसभा के कार्यकारी अध्यक्ष और भाजपा विधायक माइकल लोबो की देखरेख में विश्वास मत सिद्ध किया गया.

बीजेपी नीत गठबंधन में बीजेपी के 12 विधायक, गोवा फॉरवार्ड और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के तीन-तीन विधायक तथा दो निर्दलीय विधायक हैं. 36 सीटों वाली गोवा विधानसभा में कांग्रेस के 14 विधायक हैं. एक निर्दलीय विधायक प्रसाद गांवकर को सोमवार को भाजपा और कांग्रेस दोनों कैंपों का माना जा रहा था और उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया था कि वे किसका समर्थन करेंगे.

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के एक मात्र विधायक चर्चिल अलेमाओ ने 2017 में भाजपा-नीत गठबंधन के पक्ष में अपना मत दिया था, लेकिन वे सोमवार को कांग्रेस पार्टी की ओर से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में शामिल हुए थे.

गोवा की 36 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत सिद्ध करने के लिए किसी भी पार्टी को 19 अंक तक पहुंचना होगा. सावंत ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा था कि मुझे विश्वास है कि हम शक्ति परीक्षण में सफल होंगे.

डिप्टी स्पीकर लोबो का दर्द
दूसरी तरफ, गोवा डिप्टी स्पीकर मिशेल लोबो के सीएम न बनने पर उनके दर्द को उनकी बात से समझा जा सकता है. लोबो ने कहा कि शीर्ष पद के लिए चुनाव का बीजेपी लीडरशिप का खास पैमाना है.

उन्होंने कहा, “लीडरशिप राज्य सरकार की अगुवाई के लिए सिर्फ आरएसएस के लोगों को सपोर्ट करती है. यह पैमाना गोवा ही नहीं दूसरे राज्यों के लिए भी है. मैं दो बार से एमएलए हूं और मुझे 15 साल से ज्यादा का अनुभव है. स्पीकर पद पर रहते हुए आप किसी तरह की चिंता प्रकट नहीं कर सकते.”