100 पर्सेंटाइल के साथ भाविक बंसल बने एम्स प्रवेश परीक्षा के टॉपर

एम्स प्रवेश परीक्षा में टॉप करने के बाद भाविक बंसल ने टीवी9 भारतवर्ष से बातचीत में कहा कि उन्होंने घर पर पढ़ाई कर ही इस एग्जाम को टॉप किया है. उन्होंने परीक्षा के दौरान तनाव दूर करने के अपने तरीके भी बताए.

नई दिल्ली: हाल ही में नीट परीक्षा में दिल्ली एनसीआर के टॉपर रहे भाविक बंसल ने एम्स प्रवेश परीक्षा में भी टॉप किया है. बुधवार देर रात आए एम्स प्रवेश परीक्षा के नतीजों में भाविक ने 100 पर्सेंटाइल के साथ टॉप किया. बायोलॉजी, केमेस्ट्री और फिजिक्स में भाविक के पूरे 100 नंबर आए. वहीं जीके में उनका पर्सेंटाइल 99.9728473 रहा.

मालूम हो कि सुबह से ही पूर्वी दिल्ली के विश्वासनगर में रहने वाले भाविक एम्स के रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. टीवी9 भारतवर्ष से बातचीत में भाविक ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, “एम्स में हमको पता नहीं रहता कितने सवाल किए हैं. बाकी परीक्षाओं पता रहता है. तो अच्छा लग रहा है. सुबह से रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे.”

नीट में ऑल इंडिया दूसरा स्थान करने के बाद एम्स में टॉपर करने पर भाविक ने कहा, “मेरे टीचर्स ने मुझे बताया, शुरू में तो यकीन ही नहीं हुआ. मैंने तो यह सोचा था कि टॉप-50 आ जाए तो एम्स दिल्ली मिल जाए. मैं इस बात से बहुत खुश हूं कि मुझे अपना ड्रीम कॉलेज मिल गया. मेरी फिजिक्स बहुत मजबूत थी उसका फायदा मुझे मिला.”

तनाव कम करने के लिए खेलता था कंप्यूटर गेम्स

एम्स की परीक्षा के दौरान तनाव दूर करने के अपने नुस्खे बताते हुए भाविक ने कहा, “मैं कंप्यूटर पर गेम्स खेलता था और वीडियो देखता था. यह सब में तनाव दूर करने के लिए करता था. वीडियोस में साइंस के संबंधित वीडियो और कॉमेडी की वीडियो भी देखता था. ताकि तनाव दूर हो सके और पढ़ाई में मदद भी मिले.” उन्होंने अपने माता-पिता को भी अपनी सफलता का हिस्सा बताते हुए कहा, “घर पर रहकर मां-बाप के साथ पढ़ाई करना मेरे लिए फायदेमंद रहा.”

वहीं अपने बेटे की सफलता को देख भाविक की मां ने कहा, “मैं बता नहीं सकती कि मुझे कैसा लग रहा है. मैं अपनी भावनाओं को व्यक्त नहीं कर सकती. मेरे मन में था कि यह फर्स्ट आएगा टॉप करेगा. नीट में मुझे उम्मीद नहीं थी लेकिन इसबार पूरा भरोसा था. भाविक के लिए मैंने कुछ अलग से देखभाल नहीं की और सामान्य देखभाल की.”

पिता ने कहा, “भाविक से है हमारी पहचान”

भाविक की मां ने बताया कि उन्हें कभी कोचिंग की जरूरत नहीं पड़ी. उन्होंने घर पर पढ़कर ही यह एग्जाम टॉप किया है. परिवार के लिए इस खुशी के पल में भाविक के पिता का कहना है कि आज उन्हें भाविक के पिता के रूप में जाना जा रहा है. उन्होंने कहा, “आज भाविक से हमारी पहचान है न कि इनकी पहचान हमसे.”

मालूम हो कि इसबार 3 लाख 38 हजार 457 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया था. हालांकि 15 एम्स में 1150 एमबीबीएस की सीटों के लिए 3884 आवेदकों ने ही परीक्षा पास की. एम्स की परीक्षा का आयोजन 25 और 26 मई को किया गया था.