दिल्‍ली छोड़ने की डेडलाइन खत्‍म होने से पहले जामा मस्जिद पहुंचे भीम आर्मी चीफ, पढ़ी संविधान की प्रस्‍तावना

जामा मस्जिद में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और नेशनल रजिस्‍टर ऑफ सिटिजंस (NRC) के खिलाफ प्रोटेस्‍ट चल रहा है.

भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद को एक अदालत ने 24 घंटे के भीतर दिल्‍ली छोड़ने का आदेश दिया था. डेडलाइन खत्‍म होने से पहले, वह जामा मस्जिद पहुंचे और वहां नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और नेशनल रजिस्‍टर ऑफ सिटिजंस (NRC) के खिलाफ जारी प्रोटेस्‍ट में हिस्‍सा लिया.

चंद्रशेखर आजाद ने यहां पर संविधान की प्रस्‍तावना पढ़ी. इसके बाद उन्‍होंने कहा, “शांतिपूर्ण प्रदर्शन हमारी ताकत है. सभी धर्मों के वे लोग जो हमें सपोर्ट करते हैं वे बड़ी संख्‍या में हमारे साथ आएं ताकि सरकार के सामने ये साबित हो जाए कि ये प्रदर्शन सिर्फ मुसलमान नहीं कर रहे हैं.”

जामा मस्जिद जाने से पहले चंद्रशेखर वाल्‍मीकि मंदिर भी गए. उन्‍होंने रिपोर्टर्स से कहा कि “मौजूदा सरकार धार्मिक आधार पर देश का बंटवारा कर रही है जो कि ग़लत है. ऐसा करने से हर नागरिक को रोकना चाहिए. ये आंदोलन जारी रहेगा जनता के सामने सरकार को झुकना होगा.

चंद्रशेखर ने कहा, “मैं क़ानून का पालन करूंगा. कोर्ट ने जो मुझ पर कंडीशन लगाई है उसको हटवाने के लिए मेरे वकील कोर्ट गए हैं.”

तीस हजारी कोर्ट ने चंद्रशेखर को शर्तों के साथ जमानत दी थी. कोर्ट ने कहा था कि अगले चार सप्ताह तक चंद्रशेखर दिल्ली में नही रहेंगे. कोर्ट ने ये भी कहा कि जब तक मामले में चार्जशीट दायर नहीं होती तब तक चंद्रशेखर सहारनपुर में हर शनिवार को एसएचओ के सामने अपनी हाजि‍री देंगे.

ये भी पढ़ें

चंद्रशेखर ‘रावण’ को जमानत देते वक्‍त कोर्ट ने कहा- संस्था और पीएम का सम्मान करो