गौतम नवलखा को सुप्रीम कोर्ट से राहत, जब तक सुनवाई जारी नहीं किया जाएगा गिरफ्तार

गौतम नवलखा के वकील ने कहा कि चार हफ्तों का समय दिया जाए, वे अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करेंगे.
Bhima-koregaon case, गौतम नवलखा को सुप्रीम कोर्ट से राहत, जब तक सुनवाई जारी नहीं किया जाएगा गिरफ्तार

भीमा-कोरेगांव केस में गौतम नवलखा को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है. कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिए हैं कि जब तक सुनवाई जारी है उन्हें गिरफ्तार न किया जाए. महाराष्ट्र सरकार ने नवलखा की याचिका का विरोध किया था. इस केस की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को 3 बजे होगी.

सुनवाई के दौरान महाराष्ट्र सरकार के वकील ने नवलखा को गिरफ्तारी से मिल रही राहत का भी विरोध किया. जस्टिस अरुण मिश्रा ने नवलखा के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से पूछा कि अग्रिम जमानत की याचिका क्यों नहीं दाखिल की? जस्टिस अरुण मिश्रा ने पूछा कि इस मामले की जांच चल रही है, क्या पुलिस ने नवलखा के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है?

अभिषेक मनु सिंघवी ने इसका जवाब देते हुए

कहा कि दूसरे लोगों के खिलाफ दायर हुई है. महाराष्ट्र सरकार की तरफ से बताया गया कि जिनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं वे जेल में बंद हैं. नवलखा के वकील ने अपील की कि नवलखा को चार हफ्तों तक गिरफ्तारी से राहत दी जाए तो वे अग्रिम जमानत याचिका निचली अदालत में दाखिल करेंगे.

महाराष्ट्र सरकार के वकील से जस्टिस अरुण मिश्रा ने पूछा कि पत्र के अलावा आपके पास नवलखा के खिलाफ क्या सबूत है? नवलखा के वकील सिंघवी ने कहा जिन 6 लेटर्स की बात की वो नवलखा के पास बरामद नहीं हुए. बता दें कि 21 दिसंबर 2017 को एल्गार परिषद सभा के बाद भीमा-कोरेगांव में हिंसा भड़क गई थी. एफआईआर के आधार पर महाराष्ट्र पुलिस ने 28 अगस्त को इन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था जिनमें वरवरा राव, सुधा भरद्वाज, वर्नन गुंजाल्वेज़ आदि शामिल हैं.

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