मोदी कैबिनेट, मोदी कैबिनेट की पहली बैठक, किसानों और जवानों के हित में लिया गया बड़ा फैसला
मोदी कैबिनेट, मोदी कैबिनेट की पहली बैठक, किसानों और जवानों के हित में लिया गया बड़ा फैसला

मोदी कैबिनेट की पहली बैठक, किसानों और जवानों के हित में लिया गया बड़ा फैसला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत की. अपनी दूसरी पारी के आगाज में पीएम मोदी ने पहला फैसला शहीदों के नाम किया.
मोदी कैबिनेट, मोदी कैबिनेट की पहली बैठक, किसानों और जवानों के हित में लिया गया बड़ा फैसला

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में नवगठित मंत्रिमंडल की पहली बैठक में शुक्रवार को पीएम-किसान योजना का दायरा बढ़ाते हुए जमीन की जोतों पर विचार किए बगैर इसके तहत सभी किसानों को शामिल करने का फैसला किया गया है. इसके साथ ही इस बैठक में देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले सैनिकों के बच्चों को दी जाने वाली छात्रवृति में बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है.

सेना में शहीद जवानों के बच्चों की बढ़ेगी छात्रवृत्ति 

पहले फैसले में राष्ट्रीय रक्षाकोष के तहत प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना में बड़े बदलाव को मंजूरी दी गई. प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा, “हमारी सरकार का पहला निर्णय भारत की रक्षा करने वालों को समर्पित है.” उन्होंने ट्वीट में कहा, “राष्ट्रीय रक्षा कोष के तहत प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना में बड़े बदलावों को मंजूरी दी गई, जिनमें आतंक या नक्स्लवादी हमलों में शहीद हुए पुलिसकर्मियों के बच्चों को बढ़ी हुई छात्रवृत्ति देने की बात शामिल है.”

छात्रवृत्ति की दरें लड़कों के लिए 2,000 रुपये से 2,500 रुपये प्रति माह और लड़कियों के लिए 2,250 रुपये से 3,000 रुपये प्रति माह तक बढ़ाई गई हैं. ‘आतंक या नक्स्लवादी हमलों में शहीद हुए’ राज्य पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए भी छात्रवृत्ति योजना की सीमा बढ़ाई गई है. राज्य पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजना का कोटा साल में 500 होगा. राष्ट्रीय रक्षा प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय रक्षा कोष (एनडीएफ) की स्थापना सन् 1962 में की गई थी.

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किसानों के हित में भी लिया गया बड़ा फैसला

पीएम-किसान योजना के तहत किसानों को 6,000 रुपये सालाना सहायता राशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित करने का प्रावधान है. योजना में संशोधन करते हुए इसके तहत दो करोड़ और किसानों को शामिल किया गया है जिस पर अनुमानित खर्च 2019-20 में 87,217.50 करोड़ रुपये होगा. इससे पहले इस योजना के तहत सालाना अनुमानित खर्च 75,000 करोड़ रुपये था.

मंत्रिमंडल की बैठक में लिए फैसले की जानकारी मीडिया को देते हुए कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पीएम-किसान योजना का विस्तार करते हुए इसमें सभी किसानों को शामिल करने को मंजूरी प्रदान की। इस योजना का लाभ करीब 14.5 करोड़ किसानों को मिलेगा.”

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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने किसानों को पेंशन कवर प्रदान करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी. केंद्र सरकार इस पर तीन साल की अवधि के दौरान 10,774.5 करोड़ रुपये खर्च करेगी. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2018-19 में कृषि क्षेत्र की आर्थिक संवृद्धि दर 2.9 फीसदी रही जबकि इससे पिछले वर्ष यह पांच फीसदी थी.

इस साल फरवरी में पेश अंतरिम बजट में पीएम किसान योजना की घोषणा की गई थी जिसमें देश के 12 करोड़ किसानों को शामिल किया गया था. योजना के तहत दो हेक्टेयर जोतों की जमीन वाले किसानों तीन एक समान किस्तों में सालाना 6,000 रुपये आर्थिक सहायता राशि सीधे उनके खाते में हस्तांतरित करने का प्रावधान किया गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली पूर्व सरकार ने किसानों की आमदनी 2022 तक दोगुनी करने का वादा किया था. इस वादे के मद्देनजर सरकार ने गेहूं, धान और दलहन समेत कई अधिसूचित फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी की थी.

मोदी कैबिनेट, मोदी कैबिनेट की पहली बैठक, किसानों और जवानों के हित में लिया गया बड़ा फैसला
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