सांसद ललन सिंह साजिशन करवा रहे हैं कार्रवाई, अनंत सिंह का गंभीर आरोप; पढ़िए पर्दे के पीछे की कहानी

नीतीश कुमार और लालू यादव का महागठबंधन बनने के बाद अनंत सिंह के बुरे दिन शुरु हो गए थे.

नई दिल्ली: बिहार के मोकामा से निर्दलीय विधायक अनंत कुमार सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं. शुक्रवार को पुलिस ने उनके नवादा स्थित पुश्तैनी घर पर छापेमारी की, जहां से एके-47 राइफल और 26 जिंदा कारतूस के साथ दो हैंड ग्रेनेड (जिंदा बम) बरामद हुए हैं.

वहीं विधायक ने मुंगेर के सांसद ललन सिंह पर आरोप लगाया है कि उनके इशारे पर साज़िशन सरकार ये सब करवा रही है.

राबड़ी देवी के कार्यकाल में भी अनंत सिंह के घर पर छापेमारी हुई थी. इस दौरान घंटों तक दोनों तरफ़ से फ़ायरिंग हुई लेकिन उस समय अनंत सिंह पर नीतीश कुमार और ललन सिंह का हाथ बताया जाता था.

इतना ही नहीं अनंत सिंह जनता दल यूनाइटेड के टिकट पर विधायक चुने गये थे.

साल 2004 के लोकसभा चुनाव के दौरान जब नीतीश कुमार बाढ़ संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे तो उन्हें इस बात का अंदाज़ा हो गया था कि मोकामा से निर्दलीय विधायक सूरजभान सिंह के लोक जनशक्ति पार्टी में शामिल हो जाने के कारण और उन्हें बलिया से आरजेडी-लोजपा का संयुक्त उम्मीदवार बनाए जाने के कारण अनंत सिंह की मदद के बिना चुनाव आसान नहीं होगा.

जिसके बाद नीतीश कुमार के इशारों पर ललन सिंह ने अनंत सिंह को अपने खेमें में शामिल किया था. अनंत सिंह को इसका काफी फ़ायदा भी मिला. उन्होंने पटना में काफी संपत्ति भी बनाई.

हालांकि नीतीश कुमार और लालू यादव का महागठबंधन बनने के बाद अनंत सिंह के बुरे दिन शुरु हो गए. दरअसल यादव लड़कों के साथ मारपीट की एक घटना हुई थी. जिसके बाद अनंत सिंह के घर पर छापेमारी हुई लेकिन पुलिस टीम के हाथ कुछ नहीं लगा.

पटना के तत्कालीन डीआइजी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विकास वैभव को ख़बर लीक करने को लेकर फटकार भी लगायी थी.

बाद में अनंत सिंह ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत सुनिश्चित की.  चुनाव जीतने के बाद अनंत सिंह को लगा कि जब वो लालू और नीतीश के महागठबंधन के ख़िलाफ़ चुनाव लड़कर जीत सकते हैं तो वो संसद सदस्य क्यों नहीं बन सकते.

अनंत सिंह ने ललन सिंह को चुनौती देने की ठानी और अपनी पत्नी नीलम देवी को मुंगेर से लोकसभा चुनाव मैदान में उतार दिया.

हालांकि ललन सिंह 2019 आम चुनाव जीत गए और अनंत सिंह को मुंह की खानी पड़ी. ललन सिंह जेडीयू कोटे से चुनाव लड़े थे और उन्हें कुल 5 लाख़ 28 हज़ार 762 वोट मिले. अनंत सिंह की पहचान बाहुबली नेता की रही है.

अनंत सिंह का भी यही मानना है कि ललन सिंह उनकी पत्नी के चुनाव लड़ने को लेकर नाराज़ हैं.

ताज़ा मामले में विधायक अनंत सिंह को जेल की सज़ा भी हो सकती है. अनंत सिंह ने पुलिस की इस कार्रवाई पर टीवी 9 भारतवर्ष से खास बातचीत की.

अनंत सिंह ने कहा, ‘ये गलत आरोप है. मैं 14 साल से घर नहीं गया हूं. मेरे विरोधी का घर बगल में है. ये ललन सिंह की साजिश है. उन्होंने मुझे मारने के लिए गाड़ी से धक्का मरवाया. मुझे तबाह किया जा रहा है. ये सरासर गलत है.’

बाहुबली विधायक ने कहा कि मैं सीबीआई जांच की मांग कर रहा हूं. ये सब ललन सिंह कर रहे हैं. मैं उनके खिलाफ चुनाव लड़ा इसलिए मेरे खिलाफ ये सब किया जा रहा है. मेरे घर में किसी और से हथियार रखे हैं. इसके लिए मैं जिम्मेदार नहीं हूं.

मालूम हो कि अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी मुंगेर से लोकसभा चुनाव लड़ी थीं, परंतु उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.

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