कृषि विधेयक के मुद्दे पर BJP और उनके सहयोगी दलों को कोर्ट ले जाएंगे: कैप्‍टन अमरिंदर

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Amrinder Singh) ने इस बिल को लाने के तर्क पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस विधेयक के जरिए केंद्र सरकार राज्य की शक्तियों पर अतिक्रमण करना चाहती है और कृषि क्षेत्र को कंट्रोल करना चाहती है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 9:56 pm, Sun, 20 September 20
Amrinder Singh
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) ने रविवार को कहा कि वह अलोकतांत्रिक तरीके से पास किए गए किसान विरोधी विधेयक के संबंध में बीजेपी (BJP) और अकाली दल समेत उसके सहयोगी दलों कि खिलाफ अदालत में जाएंगे. उन्होंने कहा कि जब तक उनकी आखिरी सांस चल रही है तब तक वह किसान हितों की रक्षा के लिए राज्य में लड़ाई लड़ते रहेंगे.

अमरिंदर सिंह ने कहा कि ”जैसे ही सरकार द्वारा लाए गए इस किसान विरोधी विधेयक को राष्ट्रपति से मंजूरी मिल जाएगी वैसे ही हम अदालत का रुख करेंगे”.

मुख्यमंत्री ने इस बिल को लाने के तर्क पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस विधेयक के जरिए केंद्र सरकार राज्य की शक्तियों पर अतिक्रमण करना चाहती है और कृषि क्षेत्र को कंट्रोल करना चाहती है. ध्वनिमत से इस बिल को पास करने का कोई तर्क नहीं है, क्योंकि विपक्ष पर्याप्त संख्या में सदन में मौजूद था.

किसानों को कॉर्पोरेट के हाथों बेच रही मोदी सरकार

उन्होंने पूछा कि ”आखिर राज्यसभा में इस महत्वपूर्ण विधेयक को ध्वनिमत से क्यों पास किया गया, वोटिंग क्यों नहीं कराई गई? वोटिंग न कराने से पता चलता है कि NDA में भी फूट है. पंजाब की लाइफलाइन खेती है. केंद्र यह विधेयक किसानों के विरोध में ला रही है. किसानों की जिंदगी को तबाह नहीं होने दिया जाएगा. हम किसानों के साथ खड़े हैं और उनके हितों की रक्षा के लिए सबकुछ करेंगे.”

उन्होंने आगे कहा कि ”बीजेपी और उसके सहयोगी दलों को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि इस कानून से किसानों को क्या नुकसान होगा. बीजेपी इस विधेयक के जरिए किसानों के हितों को कॉर्पोरेट के हाथों बेच रही है.”

आपको बता दें कि राज्यसभा में रविवार विपक्ष के विरोध के बावजूद कृषि विधेयक पास हुआ. गुरुवार को यह विधेयक लोकसभा से पास किया गया था.