राज्यसभा में NIA बिल आज किया जाएगा पेश, BJP ने सांसदों के लिए जारी किया व्हिप

सोमवार को लोकसभा में ‘राष्ट्रीय अन्वेषण अधिकरण संशोधन विधेयक 2019′ को मंजूरी मिल गई थी.

नई दिल्ली: एनआईए ( National Investigation Agency) को और ताकतवर बनाने के लिए बुधवार को राज्यसभा में राष्ट्रीय अन्वेषण अधिकरण संशोधन विधेयक 2019 पेश किया जाएगा. इससे पहले सोमवार को लोकसभा में इस विधेयक को मंजूरी मिल गई थी. इस दौरान लोकसभा में भारी हंगामा देखने को मिला था.

सोमवार को लोकसभा में ‘राष्ट्रीय अन्वेषण अधिकरण संशोधन विधेयक 2019′ को मंजूरी मिल गई थी. इसके मुताबिक राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भारत से बाहर किसी अनुसूचित अपराधिक मामले का पंजीकरण और जांच का निर्देश दे सकती है. इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था, ‘पोटा को भंग करना उचित नहीं था, ये पूर्व के सुरक्षा बलों के अधिकारियों का भी मानना है. इससे आतंकवाद इतना बढ़ा कि स्थिति काबू में नहीं रही और NIA को लाने का फैसला किया गया.’

NIA 272 मामलों में FIR दर्ज कर जांच शुरु की. इनमें 52 मामलों में फैसले आये और 46 में आरोप साबित हुए. 99 मामलों में आरोपपत्र दाखिल हो चुका है. गृह मंत्री ने सदन को बताया कि NIA का रिकॉर्ड 90 परसेंट सफलता का है, जो अंतरराष्ट्रीय स्ततर पर भी उत्कृरष्टृ है.

क्या है NIA और NIA संशोधन बिल 2019?
आतंकी हमले जांच करने वाली इस एजेंसी का गठन 26/11 मुंबई हमले के बाद 2009 में किया गया है. इस हमले में करीब 166 लोगों की जाने गई थी. जिसके बाद मौजूद कांग्रेस सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए इसका गठन किया था. मोदी सरकार की ओर इस जांच एजेंसी के अधिकार क्षेत्र में बढ़ोत्तरी के लिए संसद में NIA संशोधन बिल 2019 संसद पेश किया है. फिलहाल लोकसभा में यह बिल पास हो चुका है, जिसे जल्द ही राज्यसभा में पेश किया जाएगा.

NIA संशोधन बिल में होने वाले प्रमुख संशोधन?
आसान भाषा में समझा जाए तो इस बिल का मुख्य उद्देश्य NIA जांच एजेंसी के मौजूद अधिकार क्षेत्र में वृद्धि करना है. मौजूद संशोधन बिल के बाद मुख्य रूप तीन बदलाव किए जाएंगे.

पहला, मौजूद नियमों अनुसार NIA फिलहाल गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम,1967 और परमाणु ऊर्जा अधिनियम,1962 से जुड़ें मामलों की जांच कर सकती है. इस बिल के पास होने के बाद वह मानव तस्करी, जाली नोट, अवैध हथियारों के निर्माण/बिक्री, साइबर क्राइम सहित कई अन्य मामलों की जांच कर सकेगी.

दूसरा, NIA जांच एजेंसी भारत की सीमा के बाहर और किसी अन्य देश में होने वाले होने वाले अपराध और मामलों की जांच कर सकेगी. अक्टूबर 2009, अफगानिस्तान के भारतीय दूतावास में जब हमला हुआ तब NIA इस मामले में जांच करने में असमर्थ थी. क्योंकि यह मामला भारत की सीमा के बाहर का था. लेकिन मौजूद संशोधन के बाद इस तरह मामलों में NIA जांच कर सकेगी.

तीसरा, मौजूद नियमों के अनुसार केंद्र NIA ट्रायल के लिए स्पेशल कोर्ट गठन कर करती है. इस संशोधन के बाद, केंद्र के पास विशेषाधिकार होगा जिसके बाद वह सेशन कोर्ट को NIA ट्रायल के लिए स्पेशल कोर्ट के रूप में गठन