बीजेपी ने प्रियंका गांधी वाट्सएप हैक को राहुल गांधी के चेहरे पर पड़ी लेजर लाइट जैसा बताया

कांग्रेस के जासूसी के दावे को खारिज करने के लिए मालवीय द्वारा अप्रैल की घटना को उठाने को लेकर दोनों पार्टियों के बीच मौखिक नोकझोक शुरू हो गई है.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस के उस दावे को रविवार को खारिज कर दिया, जिसमें उसने आरोप लगाया है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को भी वाट्सएप के जरिए जासूसी का निशाना बनाया गया. भाजपा ने कहा कि कांग्रेस चीजों की कल्पना कर रही है.

भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने ट्विटर पर कहा, “क्या हमने कांग्रेस को ऐसी चीजों की कल्पना करते नहीं देखा है, जो थी ही नहीं?”

उन्होंने कहा, “उनके उस दावे को याद कीजिए, जब एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान एक वीडियो कैमरा की एक हरी लाइट राहुल गांधी के चेहरे पर पड़ गई तो उनके जीवन को खतरा बताया गया था. उनके नेताओं की सार्वजनिक जीवन में विश्वसनीयता का यही स्तर है.”

मालवीय अप्रैल में लोकसभा चुनाव के दौरान की उस घटना का जिक्र कर रहे थे, जब कांग्रेस ने गांधी के चेहरे पर एक हरी लाइट के चमकने को एक गंभीर सुरक्षा चूक बताया था. लेकिन यह दावा तब खोखला साबित हुआ, जब पाया गया कि यह लाइट एआईसीसी के लिए काम कर रहे एक कैमरामैन के मोबाइल से निकली थी.

कांग्रेस के जासूसी के दावे को खारिज करने के लिए मालवीय द्वारा अप्रैल की घटना को उठाने को लेकर दोनों पार्टियों के बीच मौखिक नोकझोक शुरू हो गई है, और लगता है कि कांग्रेस भी इसका जवाब देगी.

भाजपा की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है, जब इसके ठीक पहले कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक संवाददाता सम्मेलन में यह दावा किया. उन्होंने कहा, “स्पाईवेयर पेगासस का इस्तेमाल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान सेल फोन्स को हैक करने के लिए किया गया. भाजपा सरकार इसके बारे में पूरी तरह वाकिफ थी. फेसबुक की तरफ से बार-बार सूचित किए जाने के बावजूद सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की और चुप्पी साधे रही.”