इमरान खान को राम माधव का जवाब, ‘दुनिया को खतरा पाक के आतंकवाद से है, भारत से नहीं’

इमरान ने कहा ट्वीट कर लिखा था, "भारत अधिकृत कश्मीर में कर्फ्यू, कठोर कार्रवाई और आसन्न नरसंहार वाकई में नाजी विचारधारा से प्रेरित आरएसएस की विचारधारा के अनुसार जारी है. जातीय सफाए के जरिए कश्मीर की जनसांख्यिकी बदलने की कोशिश की जा रही है."

नई दिल्ली: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर हमला बोलते हुए कहा है कि भारत अधिकृत कश्मीर में कर्फ्यू, कठोर कार्रवाई और आसन्न नरसंहार वाकई में आरएसएस की विचारधारा के अनुरूप हो रहा है. उनके इस ट्वीट का जवाब देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने उनको जिन्ना की दो नेशन थ्योरी की याद दिला दी.

राम माधव ने ट्वीट करते हुए लिखा कि लोकतांत्रिक दुनिया को खतरा पाक प्रायोजित जेहादी आतंक से है, न की भारत से आज हमने जिन्ना के दो राष्ट्र सिद्धांत और शेख अब्दुल्ला के तीन राष्ट्र सिद्धांत को पूर्ववत कर दिया है. क्या मैं जान सकता हूं कि पाक धार्मिक फांसीवाद को खत्म कर सकता है?


उन्होंने आशंका जताई है कि यह सिर्फ भारत अधिकृत कश्मीर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारतीय मुसलमान भी इसकी चपेट में आएंगे। इमरान ने एक के बाद एक श्रंखलाबद्ध ट्वीट में कहा, “सवाल यह है कि क्या दुनिया चुपचाप तमाशा देखती रहेगी और अभी भी चापलूसी का रास्ता अपनाएगी, जैसा कि म्यूनिख में हिटलर के मामले में किया था?”

इमरान ने कहा, “भारत अधिकृत कश्मीर में कर्फ्यू, कठोर कार्रवाई और आसन्न नरसंहार वाकई में नाजी विचारधारा से प्रेरित आरएसएस की विचारधारा के अनुसार जारी है. जातीय सफाए के जरिए कश्मीर की जनसांख्यिकी बदलने की कोशिश की जा रही है.”

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, “मुझे डर है कि नाजी आर्यन वर्चस्व की ही तरह हिंदू वर्चस्व वाली आरएसएस की विचारधारा भारत अधिकृत कश्मीर तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह भारतीय मुस्लिमानों का भी उत्पीड़न करेगी और उसके बाद पाकिस्तान को निशाना बनाएगी. यह हिटलर के लेबेनस्रम का हिंदू वर्चस्ववादी संस्करण है.”

इमरान का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भारत ने संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू एवं कश्मीर को प्रदत्त विशेष दर्जे को समाप्त कर दिया, और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया. जम्मू एवं कश्मीर में विधानसभा होगी, जबकि लद्दाख में विधानसभा नहीं होगी.  भारत के इस कदम के बाद पाकिस्तान ने भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को डाउनग्रेड कर दिया और भारतीय राजदूत को निष्कासित कर दिया है.