साक्षी मिश्रा ने यह निर्णय कामुकता वश कामवासना से वशीभूत होकर लिया: BJP विधायक सुरेन्द्र सिंह

‘ऐसी खबरों से अब कन्या भ्रूण हत्या की घटनाएं देश मे अप्रत्याशित रूप से बढ़ेगी तथा महिला पुरुष के लिंगानुपात में भारी अंतर आएगा.’

नई दिल्ली: BJP विधायक राजेश मिश्रा की बेटी साक्षी मिश्रा का अपनी मर्जी से अजितेश कुमार से शादी कर लेने का मामला आजकल चर्चा में है. सोशल मीडिया में लोग कहीं विधायक बाप तो कहीं बेटी साक्षी के पक्ष-विपक्ष में तरह-तरह की बातें कर रहे हैं.

बलिया से बीजेपी विधायक सुरेन्द्र सिंह ने कहा है कि, साक्षी का यह निर्णय कामुकता वश काम वासना से वशीभूत होकर लिया गया है… जिसको कहीं से भी अच्छा नही कहा जा सकता है.

बता दें ये वही विधायक जी हैं जिन्होंने आजम खां के 3 बच्चे पैदा करने वाले बयान पर मुस्लिम धर्म में बच्चे पैदा करने को जानवरी प्रवृति बताया था. विधायक सुरेन्द्र सिंह ने कहा था, ‘मुस्लिम धर्म में 50 औरत रखिए 1050 बच्चे पैदा कीजिए ये कोई परंपरा नहीं है ये तो एक जानवरी प्रवृति है. प्रकृति प्रदत्त 3 या 4 बच्चे हों उसमें कोई गलत बात नही है.’

सुरेन्द्र सिंह ने पहले भी मायावती को लेकर विवादित बयान दिया था. उन्होंने कहा, ‘मायावती जी खुद रोज फेशिअल करवाती हैं, वो क्या हमारे नेता को शौकीन कहेंगी. बाल पका हुआ है और रंगीन करवाके आज भी अपने आप को मायावती जी जवान साबित करती हैं, 60 साल की हो गईं लेकिन सब बाल काले हैं.’

हाल ही में मध्‍य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने इस मामले पर गंभीर टिप्पणी की है.

उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि ऐसी खबरों से अब कन्या भ्रूण हत्या की घटनाएं देश मे अप्रत्याशित रूप से बढ़ेगी तथा महिला पुरुष के लिंगानुपात में भारी अंतर आएगा जो हमे अगले तीन वर्षों में सामाजिक सर्वे में स्पष्ट रूप से दिखेगा नर्सिंग होम एवं निजी अस्पतालों में गर्भपात का गौरखधंधा खूब फलेगा फूलेगा.’

इसके अलावा भी गोपाल भार्गव ने इस मामले को लेकर ट्वीट में लिखा- ‘मेरे निजी विचार से यह चैनल अपनी TRP बढ़ाने और रुपया कमाने के चक्कर मे बहुत बड़ा समाज विरोधी एवं राष्ट्र विरोधी कार्य कर रहे हैं. उनके इस कृत्य से अब यह बात तय है कि देश मे पिछले एक दशक से चल रहा “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” की योजना एवं राष्ट्रीय अभियान 50 वर्ष पीछे चला जायेगा.’

हालांकि अपने विवादित ट्वीट की वजह से घिरने के बाद गोपाल भार्गव ने ट्विटर पर माफी मांगी है. उन्होंने लिखा- ‘देश के एक आम नागरिक के रूप में यह मेरे निजी विचार हैं. अनेक व्यक्ति या समाचार माध्यम इससे असहमत भी हो सकते हैं, जोकि स्वाभाविक है. यदि उनको मेरे इन विचारों से कष्ट पहुँचा हो तो उसके लिए मुझे क्षमा करें.’