‘फोटो आपकी है, फोटोग्राफर भी आपका है, लेकिन बीजेपी इस फोटोफ्रेम को खत्म कर देगी’

NCP - Congress - Shiv Sena भले ही 162 विधायकों के समर्थन का दावा कर रही हो लेकिन बीजेपी ने अब इस पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं.
Maharashtra Political Crisis, ‘फोटो आपकी है, फोटोग्राफर भी आपका है, लेकिन बीजेपी इस फोटोफ्रेम को खत्म कर देगी’

Maharashtra Political Crisis : मुंबई का सियासी ड्रामा चरम पर है. NCP – Congress – Shiv Sena Alliance की कवायद तेज है. शरद पवार ( Sharad Pawar ) उद्धव ठाकरे ( Udhav Thackeray ) और मल्लिकार्जुन खड़गे ( Congress ) ने वी आर 162 ( We are 162 ) का नया पासा फेंका है. लेकिन बीजेपी (BJP) ने इस पर सवाल उठाए हैं. दो कद्दावर नेताओं नारायण राणे ( Narain Rane )और आशीष शेलार (Ashish Shelar ) का दावा है कि होटल में 162 विधायक नहीं थे.

नारायण राणे ने दावा किया है कि महाविकास अघाड़ी में सिर्फ 130 विधायक थे. उनके मुताबिक कुछ विधायकों को वहां मौजूद रहने के लिए पैसे भी दिए गए. नारायण राणे को बीजेपी नेता और महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फड़नवीस ने ऑपरेशन लोटस ( Operation Lotus ) की जिम्मेदारी सौंपी है. नारायण राणे फड़नवीस के लिए समर्थन जुटाने का काम कर रहे हैं.

उधर बांद्रा से बीजेपी विधायक आशीष शेलार कहते हैं, “फोटो आपकी है, फोटोग्राफर भी आपका है, लेकिन बीजेपी इस फोटोफ्रेम को खत्म कर देगी.”

शेलार ने कहा कि हयात का ड्रामा शिव सेना को कमजोर करेगी. होटल में उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने सोनिया गांधी के नाम पर शपथ ली. इसको लेकर शेलार ने हमला बोल दिया है. उन्होंने कहा कि ये शिव सेना बाला साहब ठाकरे की शिव सेना नहीं हो सकती.

महाराष्ट्र का राजनीतिक संकट ( Maharashtra Political Crisis )

महाराष्ट्र विधानसभा में 288 सदस्य हैं. बहुमत के लिए 145 सदस्यों का समर्थन जरूरी है. बीजेपी के 105 विधायक हैं. एनसीपी के 54, शिवसेना के 56 और कांग्रेस के 44 विधायक हैं. अजित पवार ( Ajit Pawar ) ने शरद पवार से अलग होकर देवेंद्र फड़नवीस ( Devendra Fadnavis ) को समर्थन देने का एलान किया. इसके बाद राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने 24 नवंबर की अहले सुबह फड़नवीस को सीएम और अजीत पवार को बतौर डिप्टी सीएम शपथ दिलाई.

शरद पवार ने इसका विरोध किया और अजित पवार अब अलग – थलग पड़ते नजर आ रहे हैं. इस बीच NCP, Congress, Shiv Sena ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. राज्यपाल के फैसले को चुनौती दी गई. दो दिनों की सुनवाई के बाद सुपीम कोर्ट मंगलवार सुबह फैसला सुना सकता है

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