‘रेड लेवल टी का विज्ञापन हिंदू विरोधी’ सोशल मीडिया पर हो रहा ट्रोल, जानें पर्दे के पीछे की कहानी

फेसबुक से लेकर टि्वटर पर हैशटेग #BoycottRedLabel ट्रेंड कर रहा है.

सर्फ एक्सल (डिटर्जेंट पाउडर) के एक विज्ञापन (ऐड) को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रोल हुई हिंदुस्तान यूनिलीवर कंपनी एक बार फिर चर्चा में है. इस बार कंपनी का रेड लेबल चाय पत्ती पर बना विज्ञापन सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहा है.

फेसबुक से लेकर टि्वटर पर हैशटेग #BoycottRedLabel ट्रेंड कर रहा है. सोशल मीडिया पर यूजर्स की तरफ से हिंदू धर्म विशेष की छवि खराब करने के आरोप कंपनी पर लगाए जा रहे हैं. जबकि दूसरे समुदाय की छवि को चमकाने की कोशिश किए जाने की बात कही जा रही है.

इसकी वजह कंपनी का गणेश चतुर्थी को दर्शाता एक विज्ञापन है. हालांकि रेड लेबल ने इस ऐड को पिछले साल 14 सितंबर 2018 को गणेश चतुर्थी से पहले जारी किया था, लेकिन एक साल बाद यह चर्चा में है.

क्या है विज्ञापन में…?

विज्ञापन में दिखाया गया है कि गणेश चतुर्थी से पहले ग्राहक भगवान गणेश की मूर्ति लेने पहुंचता है. मूर्तिकार जब गणेश की मूर्ति दिखाता है तो ग्राहक कहता है ये चार भुजाओं वाली मूर्ति. तब मूर्तिकार कहता है कि ये अभय मुद्रा मूर्ति है. तभी मूर्तिकार छोटे बच्चे को चाय लाने को बोलता है.

इस दौरान ग्राहक मूषक के साथ बप्पा की मूर्ति मांगता है. जब बप्पा की मूर्ति दिखाता है तो ग्राहक कहता है कि हां है तो बप्पा अपने वाहन के साथ. तब मूर्तिकार कहता है कि आप जानते हैं मूषक कौन हैं. मूषक बप्पा का वाहन बनने से पहले एक असुर था.

इस बीच वह मूर्तिकार अजान की आवाज सुनकर सिर पर टोपी पहन लेता है, जिससे वह ग्राहक थोड़ा हिचकता है और कहता है, ‘आज कुछ काम है, मैं कल आता हूं.’ इस पर वह मूर्तिकार कहता है कि भाईजान, चाय तो पीते जाओ. चाय पीने के दौरान ही फिर दोनों की बॉन्डिंग होती है.

मूर्तिकार कहता है, ‘नमाज अदा करने वाले हाथ बप्पा की मूर्ति सजाएंगे तो हैरानी तो होगी ही?’ इस पर मूर्ति खरीदने आया युवक कहता है कि यही काम क्यों? मूर्तिकार कहता है, यह भी तो इबादत है. मूर्तिकार की इस बात से प्रभावित होकर वह ग्राहक गणपति बप्पा की मूर्ति ले जाता है.

क्या कह रहे यूजर्स.?

रेड लेबल का ये ऐड कुछ लोगों को रास नहीं आया. सोशल मीडिया पर लोग #BoycottRedLabel हैशटैग के साथ जमकर ट्वीट कर रहे हैं. यूजर्स का कहना है कि इस एड में हिंदू समुदाय की छवि खराब कर दूसरे समुदाय की छवि को चमकाया जा रहा है.

धर्म के नाम पर विज्ञापनों पर विवाद पहली बार नहीं है. इससे पहले होली के मौके पर भी हिंदुस्तान यूनिलीवर का सर्फ एक्सल का विज्ञापन विवादों में घिर गया था.