ब्रह्मोस सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल का टेस्ट सफल, स्वदेशी युद्धपोत INS चेन्नई बनेगा ‘अजेय’

डिफेंस रिसर्च एंड डिवेलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) ने रविवार को एक और ब्रह्मोस सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल (BrahMos Supersonic Cruise Missile) का सफल परीक्षण किया है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 1:29 pm, Sun, 18 October 20
BrahMos Supersonic Cruise Missile
ब्रह्मोस सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण (फाइल फोटो)

डिफेंस रिसर्च एंड डिवेलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) ने रविवार को एक और ब्रह्मोस सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल (BrahMos Supersonic Cruise Missile) का सफल परीक्षण किया है. इसे स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस चेन्नई से अरब सागर की तरफ बनाए गए एक निशाने की तरफ छोड़ा गया था. सेट टारगेट पर इसने बिल्कुल सटीक निशाना लगाया.

ब्रह्मोस (BrahMos Supersonic Cruise Missile) की मदद से स्वदेशी युद्धपोत को और ताकत मिलेगी. इसकी मदद से लंबी दूरी पर स्थित टारगेट को भी आसानी से निशाना बनाया जा सकेगा. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मिसाइल के सफल परीक्षण पर डीआरडीओ, ब्रह्मोस और एयरफोर्स की टीम को बधाई दी है. डीआरडीओ चेयरमेन डॉक्टर जी सतीश रेड्डी ने भी इसपर खुशी जाहिर की है.

मिसाइल परीक्षण सफल होने की जानकारी डीआरडीओ ने दी. लिखा गया, ‘सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस को आज 18 अक्टूबर 2020 को भारतीय नेवी के स्वदेशी युद्धपोत INS चेन्नई से टेस्ट किया गया. परीक्षण सफल रहा. इसने अरब सागर में मौजूद लक्ष्य पर निशाना लगाया था. मिसाइल ने टारगेट को सफलतापूर्वक ध्वस्त किया.’

INS चेन्नई की खासियत

बता दें कि साल 2016 में स्वदेशी युद्धपोत INS चेन्नई भारतीय नेवी में शामिल हुआ था. यह ऐसा तीसरा निर्देशित मिसाइल विध्वंसक है, जिसका डिजाइन स्वदेशी है. ‘कवच’ चैफ डिकोय सिस्टम से लैस यह वॉरशिप दुश्मन के राडार को चकमा देने के साथ दो हेलिकाप्टर भी ढो सकता है. इस श्रेणी के पहले पोत का नाम आईएनएस कोलकाता था और इसका जलावतरण 16 अगस्त 2014 को किया गया था. इसके बाद आईएनएस कोच्चि का जलावतरण 30 सितंबर 2015 में किया गया था.