BSNL-MTNL छोड़ने की तैयारी में 92,700 कर्मचारी, VRS के लिए किया आवेदन

केंद्र सरकार ने BSNL और MTNL के मर्जर का ऐलान किया है. पिछले महीने अक्‍टूबर में मोदी सरकार ने इस पर मुहर लगा दी थी. उसी समय कर्मचारियों के लिए VRS स्कीम की भी घोषणा कर दी गई थी.

सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनियों भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) और महानगर टेलिफोन निगम लिमिटेड (MTNL) की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) योजना मंगलवार (तीन दिसंबर) को बंद हो गई. अधिकारियों के अनुसार, दोनों कंपनियों के कुल 92 हजार 700 कर्मचारियों ने VRS के लिए आवेदन किया है. इसमें BSNL के 78 हजार 300 कर्मचारियों और MTNL के 14 हजार 378 कर्मचारियों ने आवेदन किया है.

BSNL के करीब 1.50 लाख कर्मचारी

BSNL के चेयरमैन पी के पुरवार ने बताया, ‘‘सभी सर्किलों से मिली जानकारी के अनुसार योजना बंद होने के समय तक करीब 78,300 कर्मचारियों ने VRS के लिए आवेदन किया है. यह हमारे लक्ष्य के अनुरूप है.

हम करीब 82 हजार कर्मचारियों की संख्या घटने की उम्मीद कर रहे हैं. VRS के लिए आवेदन करने वालों के अलावा 6 हजार कर्मचारी ऐसे हैं जो सेवानिवृत्त हो गए हैं.’’ बता दें कि वर्तमान में BSNL के करीब 1.50 लाख कर्मचारी हैं.

4 हजार 430 कर्मचारी बचेंगे

वहीं MTNL के चेयरमैन सुनील कुमार ने कहा कि कंपनी के कुल 14 हजार 378 कर्मचारियों ने VRS के लिए आवेदन किया है. उन्‍होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य 13 हजार 650 कर्मचारियों का था.

इससे हमारा वार्षिक वेतन बिल 2 हजार 272 करोड़ रुपये से घटकर 500 करोड़ रुपये रह जाएगा. अब हमारे पास 4 हजार 430 कर्मचारी बचेंगे जो परिचालन के लिए पर्याप्त हैं.’’

BSNL और MTNL का होगा मर्जर

आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने BSNL और MTNL के मर्जर का ऐलान किया है. पिछले महीने अक्‍टूबर में मोदी सरकार ने इस पर मुहर लगा दी थी. उसी समय कर्मचारियों के लिए VRS स्कीम की भी घोषणा कर दी गई थी.

सरकार ने घाटे में चल रही सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनियों के लिए 68 हजार 751 करोड़ रुपये के रिवाइवल पैकेज को मंजूरी दी है.