बजट 2019: निर्मला सीतारमण का पहला बजट, पढ़ें प्रमुख बातें

वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारमण ने ब्रीफकेस में बजट भाषण ले जाने की बजाय संसद में 'बहीखाता' लाकर नई परंपरा स्‍थापित की है.

Budget 2019 Speech Live, बजट २०१९: भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को मोदी सरकार 2.0 का पहला बजट पेश किया. इसके बाद लोकसभा की कार्रवाई आठ जुलाई सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने उन्हें पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री के तौर पर बजट भाषण पेश करने के लिए बधाई दी और सदन के अन्य सदस्यों को भी बजट भाषण सुनने के लिए बधाई दी. इसके बाद उन्होंने लोकसभा की कार्रवाई आठ जुलाई (सोमवार) को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.

Budget 2019 Updates:

  • सोना और अन्य कीमती धातुओं पर कस्मट ड्यूटी 10 से बढ़ाकर 12.5 फीसदी हुई
  • 120 करोड़ लोगों के पास आधार कार्ड है. जिनके पास पैन कार्ड नहीं है वो आधार के जरिए इनकम टैक्स फाइल कर सकता है.
  • 45 लाख के हाउसिंग लोन पर साढ़े तीन लाख की छूट
  • इलेक्ट्रिक वाहन लोन लेकर खरीदने पर आयकर में 1.5 लाख रूपए की अतिरिक्त छूट मिलेगी.
  • किराए के मकानों के लिए आदर्श कानून बनेगा
  • ईमानदारी से टैक्स देने वालों को धन्यवाद. 1, 2, 5 और 10 के नए सिक्के आएंगे. 20 रुपये के भी नए सिक्के आएंगे.
  • जिन NRI लोगों के पास भारतीय पासपोर्ट हैं, उन्हें आधार कार्ड दिया जाएगा। अब उन्हें इसके लिए भारत आकर 180 दिनों का इंतजार नहीं करना होगा
  • सरकारी बैंकों को 70 हजार करोड़ रुपये दिए जाएंगे. इससे पूंजी की कमी दूर होगी. बैंकों का स्ट्रेस घटेगा.
  • स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि बिना नारी कल्याण के दुनिया की सभ्यता नहीं टिक सकती. सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण पर काम कर रही है.
  • मोदी सरकार नई शिक्षा नीति लाएगी. शिक्षा नीति पर अनुसंधान केंद्र भी बनाया जाएगा. राष्ट्रीय अनुसंधान प्रतिष्ठान (National Research Foundation) का गठन किया जाएगा. सरकार उच्च शिक्षा के लिए 400 करोड़ रुपये खर्च करेगी.
  • एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर में भी निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा.10 हजार नए किसान उत्पादक संघ बनाए जाएंगे. दलहन के मामले में देश आत्मनिर्भर बना है. हमारा लक्ष्य आयात पर कम खर्च करना है, इसके साथ ही डेयरी के कार्यों को भी बढ़ावा दिया जाएगा.
  • शहरी यातायात बढ़ाने के लिए रैपिड रेल पर जोर रहेगा. मेट्रो रेलवे को बढ़ावा दिया जाएगा. हम डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बना रहे हैं. इससे पैसेंजर ट्रेन के लिए अच्छी व्यवस्था बनेगी.

  • गांधीपीडिया का विकास किया जा रहा है. गांधी के मूल्यों की झलक दिखेगी.
  • 9.6 करोड़ टॉयलेट 2014 के बाद से बनाए गए हैं. हमें और काम करना है. हमें लोगों का मिजाज बदलना है. नए तकनीकों का इस्तेमाल करना है. स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर गांव में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लागू होगा.
  • प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान के तहत दो करोड़ लोगों को फायदा मिला है. हर पंचायत तक इंटरनेट पहुंच रहा है.
  • बांस, खादी, शहद से मिलेगा रोजगार, किसानों की इनकम बढ़ाने पर जोर. हजारों क्लस्टर बनाए जाएंगे. 2019 में 50 हजार किसानों को जोड़ा गया है. 80 बिजनेस इनक्यूबेटर बनाए जाएंगे. किसानों के लिए सरकार काम कर रही है.
  • तकनीक पर खास जोर है. अन्नदाता, ऊर्जा दाता बनाने के लिए कई कार्यक्रम है. किसानों ने दलहन के उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बना दिया है. ऐसा पिछले डेढ़ साल में हुआ है. तिलहन में भी ऐसी सफलता मिलेगी. 
  • इससे हमारा आयात बिल घटेगा. सरकार राज्यों के साथ मिल कर ई-नैम को मजबूत करेगी. इससे किसानों को उत्पादन की सही कीमत मिलेगी. ईज ऑफ डूईंग बिजनेस किसानों के लिए भी लागू होती है. जीरो बजट फार्मिंग का जिक्र सीतारमण ने किया.
  • प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना – यूनिवर्सल कनेक्टिविटी का लक्ष्य है. 97 प्रतिशत इलाकों तक सड़क बन चुकी है. हर दिन 135 किलोमीटर सड़क बनाई जा रही है. 30 हजार किलोमीटर सड़क क्लीन एनर्जी से बनी है. इसमें इंडस्ट्री वेस्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है. यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल हुआ है. 1.35 लाख किलोमीटर सड़क बनाने का प्रस्ताव है. इस पर 80 हजार करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे. फेज 3 में एक लाख किलोमीटर सड़कों को अपग्रेड भी किया जाएगा.
  • सरकार सालाना ग्लोबल इनवेस्टर मीट आयोजित करने पर विचार कर रही है. भारत में एनआरआई निवेश कम है. इसके लिए एनआरआई पोर्टफोलियो स्कीम को फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टमेंट से जोड़ा जाएगा.
  • 2022 तक हर इच्छुक ग्रामीण परिवार तक बिजली और गैस की पहुंच होगी. इसी साल तक हर परिवार को छत मिल जायेगी. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.25 करोड़ घर बनाए जाएंगे. तकनीक की मदद से एक घर बनाने में सिर्फ 114 दिन लगेंगे. 2015-16 में 300 से ज्यादा दिन लगते थे.
  • शेयर बाजार को निवेशक फ्रेंडली बनाने पर जोर दिया जाएगा. विदेश निवेश बढ़ावा देने के लिए मौजूदा केवाईसी नॉर्म आसान किए जाएंगे. शेयर बाजार को आम आदमी से जोड़ने की जरूरत है. इलेक्ट्रॉनिक फंड रेजिंग प्लेटफॉर्म का प्रस्ताव कर रही हूं. सोशल इंटरप्राइजेज को भी शेयर बाजार में लिस्ट किया जाएगा. इससे उन्हें पूंजी जुटाने में आसानी होगी.
  • ट्रेजरी बिल और सरकारी सेक्युरिटी कारोबार को आम आदमी तक पहुंचाया जाएगा. एफडीआई की आवक अच्छी है. भारत में 2018-19 में 63 अरबर डॉलर का एफडीआई आया है. दूसरी ओर अमरीका में ये घटा है. एफडीआई में मीडिया और एविएशन, बीमा में एफडीआई नॉर्म बदलने पर विचार किया जा रहा है. सिंगल ब्रांड रिटेल में एफडीआई की मंजूरी मिलेगी.
  • मझोले उद्योग के लिए एक करोड़ रुपये तक का कर्ज आधे घंटे में मिलेगा. पेंशन बेनिफिट तीन करोड़ रिटेल कारोबारियों और दुकानदारों को मिलेगा. यह सब प्रधानमंत्री कर्मयोगी मानदंड स्कीम के तहत मिलेगा. इसके लिए सिर्फ आधार कार्ड और बैंक खाते की जरूरत है.
  • उज्जवला योजना की वजह से देश की महिलाओं को धुएं से छुटकारा मिला है. हमने महिलाओं के सम्मान के लिए शौचालय बनवाएं हैं
  • पब्लिक – प्राइवेट पार्टनरशिप के लिए रेलवे के कॉरिडोर बनाए जाएंगे. वन नेशन वन ग्रिड पर काम चल रहा है. इससे हर राज्य को सस्ती दर पर बिजली मिलेगी. गैस ग्रिड, वाटर ग्रिड और रीजनल एयरपोर्ट का प्रस्ताव है.
  • फेज-1 भारतमाला के बाद दूसरे फेज का काम शुरू किया जाएगा. नदी मार्ग पर सरकार का फोकस है. इसे रेलवे से जोड़ा जाएगा. गंगा परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है. बनारस में टर्मिनल बन गया है. साहिबगंज और हल्दिया में अलग टर्मिनल बनाए जा रहे हैं. इसे 2020 तक पूरा कर लिया जाएगा. इसके जरिये गंगा के रास्ते माल ढुलाई और पैसेंजर की आवाजाही चार गुना बढ़ेगी. 2018 से 2030 तक 50 लाख करोड़ रुपये का खर्च आएगा.
  • इलेक्ट्रिक गाड़ियों की खरीद के लिए सरकार सब्सिडी देगी. इसे खरीदते समय डायरेक्ट पैसा खरीदार के खाते में जाएगा. इससे ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिलेगा.
  • एविएशन इंडस्ट्री का हब बनने के लिए सरकार हरसंभव मदद करने जा रही है. मेनटेनेंस, ओवरहॉल और ऑपरेशन के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाएंगे. 300 किलोमीटर लंबा मेट्रो रेल नेटवर्क 2019 में बनेगा. 210 किलोमीटर लंबा नेटवर्क चालू हो गया है. 650 किलोमीटर मेट्रो रेल शुरू हो चुका है. मेट्रो, टोल हर जगह एक ही कार्ड से पेमेंट के लिए डिजिटल व्यवस्था की जा रही है. रूपे कार्ड से इसे लिंक किया जाएगा.
  • घरेलू और विदेश निवेश बढ़ाने के लिए कई प्रस्ताव कर रही हूं. पीएम ग्रामीण सड़क योजना, भारतमाला, उड़ान स्कीम, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर. भारतमाला से हाईवे नेटवर्क मजबूत होंगे. सागरमाला से पोर्ट लिंग बढ़ेगा. इससे बाहरी व्यापार बढ़ेगा. जलमार्ग विकास से नेशनल वाटरवे बढ़ेगा. इनलैंड वाटर वे से बाकी माध्यमों पर भार घटेगा. कीमत भी कम होगी. उड़ान स्कीम से हर कोई हवाई यात्रा कर सकेगा.
  • भारत को एक खरब की अर्थव्यवस्था बनने में 45 साल लग गए लेकिन सिर्फ पांच साल में हमारी अर्थव्यवस्था एक खरब से बढ़कर तीन खरब की हो गई है. हम अगले पांच साल में इसे पांच खरब तक बढ़ाएंगे
  • हम आर्थिक विकास बढ़ाने का काम कर रहे हैं, हमारा जोर रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म पर है. हम न्यू इंडिया की ओर बढ़ रहे हैं.
  • निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में पढ़ी मंजूर हाशमी की शेर.
    यक़ीन हो तो कोई रास्ता निकलता है
    हवा की ओट भी ले कर चराग़ जलता है
  • भारत ने अपने लोकतंत्र का ऐसा उत्‍सव नहीं मनाया था. महिलाओं की भागीदारी ऐतिहासिक रही. हर समुदाय, युवा, बुजुर्ग ने चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्‍सा लिया. : वित्‍तमंत्री
  • लोकसभा में वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2019-20 प्रस्‍तुत करने के लिए स्‍पीकर ओम बिरला से अनुमति मांगी. स्‍पीकर की मंजूरी के बाद सीतारमण ने बजट भाषण शुरू किया.
  • सीतारमण इस बार ब्रीफकेस की जगह लाल रंग के कपड़े में बजट को लेकर पहुंची. वित्‍त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, भारतीय परंपरा के अनुरूप बहीखाता को बजट का रूप दिया गया. देश के आर्थिक सलाहकार के वी सुब्रमण्यम ने कहा कि ‘कब तक हम अंग्रेजी मानसिकता को ढोते रहें. हम पाश्चात्य सोच से हम बाहर आ चुके हैं. लाल रंग शुभ होता है. यह बजट नहीं, बल्कि बहीखाता है.’
  • वित्‍त मंत्रालय से निकलकर निर्मला सीतारमण ने राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की. संसद में बजट पेश होने से पहले राष्‍ट्रपति की स्‍वीकृति जरूरी होती है.

  • बजट 2019 पेश होने से पहले सेंसेक्‍स में उछाल देखने को मिला है. 119.15 अंकों की बढ़त के साथ बॉम्‍बे स्‍टॉफ एक्‍सचेंज 40,027 अंकों पर खुला. निफ्टी 18 अंकों की मजबूती के साथ 11,964.75 पर खुला. शुरुआती कारोबार में BSE का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.47 बजे 95.83 अंकों की मजबूती के साथ 40,003.89 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी लगभग इसी समय 25.40 अंकों की बढ़त के साथ 11,972.15 पर कारोबार करते देखे गए.
  • वित्‍त राज्‍यमंत्री अनुराग ठाकुर ने बजट 2019 से पहले पूजा-अर्चना की. वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारमण वित्‍त मंत्रालय पहुंच चुकी हैं. वह सुबह 11 बजे लोकसभा में बजट पेश करेंगी.
  • सरकार को चालू वित्त वर्ष 2019-20 में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर सात प्रतिशत रहने की उम्मीद है. गुरुवार को संसद में 2018-19 की आर्थिक समीक्षा पेश करते हुए सीतारमण ने यह अनुमान जताया. भारत 2018-19 में विश्व की तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. ऐसा 2017-18 के 7.2 प्रतिशत GDP वृद्धि से 2018-19 में 6.8 प्रतिशत के मामूली परिवर्तन के बावजूद हुआ है.
  • आर्थिक समीक्षा में कहा गया कि 2019-20 में सरकार को मिला विशाल राजनीतिक जनादेश उच्च आर्थिक वृद्धि की संभावनाओं के लिए शुभ है. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के विश्व आर्थिक परिदृश्‍य (WEO) की अप्रैल 2019 की रिपोर्ट में अनुमान व्यक्त किया गया है कि 2019 में भारत की जीडीपी 7.3 प्रतिशत की दर से वृद्धि करेगी. यह अनुमान वैश्विक उत्पादन तथा उभरते बाजार और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं (EMDE) में क्रमश: 0.3 तथा 0.1 प्रतिशत अंक में गिरावट की रिपोर्ट के बावजूद व्यक्त किया गया है.
  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल ने समुचित विनियमन के बिना कर्ज के जरिए विकास में तेजी लाने का काम सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को सौंपे जाने के प्रति आगाह किया है, क्योंकि इससे दोबारा गैर-निष्पादित संपत्ति (NPA) बढ़ने की संभावना है. पटेल के अनुसार, अतीत को दोहराने की लालच को छोड़ देना चाहिए. उन्होंने कहा, “आसान उपाय तलाशने या समस्याओं का छिपाने से काम नहीं चलेगा. इससे पूंजी को खोलने में विलंब ही होगा और पर्याप्त भावी निवेश की राह में अड़चन आएगी.”

बजट 2019: क्‍या है चुनौती?

सीतारमण को एक मंद होती अर्थव्यवस्था और बाजार की कठिन स्थिति में सरकार के बटुए को भरने के लिए ऐसे समय में एक कठिन विनिवेश लक्ष्य को पूरा करना है, जब कर राजस्व निश्चित रूप से कम आने वाला है. सरकार विनिवेश के जरिए 90,000 करोड़ रुपये जुटाने की कोशिश में है, जो पिछले साल के विनिवेश से प्राप्त 85,000 करोड़ रुपये से अधिक है.

भारत की GDP वित्त वर्ष 2019 की अंतिम तिमाही में फिसल कर 5.8 प्रतिशत हो गई, जो इसके पहले की तिमाही की 6.6 प्रतिशत से कम है. और साथ ही चीन की 6.4 प्रतिशत वृद्धि दर से भी कम है.

खपत मांग और निवेश चक्र ऐसे समय में सरकार पर उच्च खर्च के लिए दबाव बना रहे हैं, जबकि राजस्व घट गया है. रोजगार सृजन नहीं हो रहा है और बेरोजगारी दर सर्वोच्च 6.1 प्रतिशत पर है.

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