Budget 2019: मोदी सरकार 34 साल बाद आम आदमी पर दोबारा लगा सकती है ये टैक्स!

जीएसटी टैक्स कलेक्शन के जो आंकड़े सामने आए हैं, काफी कम है. ऐसे में पैसे कमाना सरकार के के लिए बड़ी चुनौती है.

नई दिल्ली: माना जा रहा है कि मोदी सरकार इस बार के बजट में भी मोदी सरकार कोई बड़ा फैसला ले सकती है. कयास लगाए जा रहे हैं कि मोदी सरकार इनहेरिटेंस टैक्स दोबारा लगा सकती है. 1985 में इस टैक्स को खत्म कर दिया गया था लेकिन इस बजट में सरकार इसकी घोषणा कर सकती है. इसके लिए सरकार ने ड्राफ्ट तैयार कर लिया है. गिफ्टेड या पैतृक संपत्ति पर लगाए जा रहे टैक्स को इनहेरिटेंस टैक्स कहते हैं.

वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, मोदी सरकार का वास्ता जनता की भलाई से है और ये इनहेरिटेंस टैक्स लगाने का बेहतर मौका है. जिन लोगों ने स्कूल, यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों में दान दिया है, उन्हें कुछ छूट मुहैया कराई जा सकती है. उन्होंने हाई एजुकेशन के लिए अमेरिकी मॉडल का हवाला भी दिया.

जीएसटी टैक्स कलेक्शन के जो आंकड़े आये हैं, काफी कम है. ऐसे में पैसे कमाना सरकार के के लिए बड़ी चुनौती है. हो सकता है सरकार के इस फैसले से कुछ लोग टैक्स बचाने के चक्कर में दूसरे देशों का रूख अपना लें.

हालांकि इनहेरिटेंस टैक्स लागू करना भी सरकार के लिए बड़ी चुनौती है. भारत में कई लोगों के पास पैतृक संपत्ति तो है लेकिन जरूरी नहीं कि उनके पास टैक्स जमा करने के पैसे हों. ऐसे में टैक्स जमा करने के लिए लोग अपनी संपत्ति बेचने को मजबूर हो जाएंगे. इस मामले से जुड़े अधिकारी कहना है कि अमीरों पर टैक्स लगाना जितना मुश्किल है उतना ही आसान इसे लागू करना है.

सरकार के सामने दूसरी चुनौती ये है कि टैक्स से बचने के लिए लोग अपनी संपत्ति को ट्रस्टों के अंतर्गत शामिल कर लें.

बता दें सरकार ने इनहेरिटेंस टैक्स पर पहले भी चर्चा की थी मगर इलागू नहीं कर पाई थी.

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