नारी टू नारायणी मोड में मोदी सरकार, ‘सौभाग्य’ से घर में होगा ‘उजाला’

ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिला की सुनहरी भागीदारी है. जीवन के हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी अहम है.

नई दिल्ली: बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि बिना नारी कल्याण के दुनिया की सभ्यता नहीं टिक सकती. सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण पर काम कर रही है.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिला की सुनहरी भागीदारी है. जीवन के हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी अहम है. सामाजिक आर्थिक बदलाव में इनकी भागीदारी अहम है.

इलेक्शन में रिकॉर्ड संख्या में महिलाओं ने मतदान किया है. हम सिर्फ महिला केंद्रित योजनाओं पर फोकस नहीं कर महिलाओं की अगुआई पर फोकस कर रहे हैं.

सरकार सेल्फ हेल्प ग्रुप में शामिल महिलाओं को 5 हजार रूपए ओवरड्राफ्ट की सुविधा मिलेगी. हर ग्रुप की एक महिला को मुद्रा स्कीम के तहत एक लाख का लोन मिलेगा.

उन्होंने आगे कहा, ‘प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानदंड के तहत 30 लाख मजदूरों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है. करोड़ों लोगों को फायदा मिलेगा. इसके तहत 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 3000 रूपए पेंशन मिलेगी.’

वित्त मंत्री ने कहा कि 35 करोड़ एलईडी बल्ब उजाला योजना के तहत बांटे गए. इससे 18 हजार करोड़ रूपए की बचत हुई है. हम धीरे धीरे पुराने बल्ब बदल देंगे. मिशन एलईडी के बाद सोलर स्टोव और बैटरी चार्जर पर जोर दिया जाएगा. इसके अलावा रेलवे स्टेशन को आधुनिक बनाने की बड़ी योजना भी है.