सभी नागरिकों को 2024 तक साफ पीने का पानी देना सरकार की प्राथमिकता: वित्त मंत्री

सीतारमण ने यह भी कहा कि 10,000 नई कृषक उत्पादक कंपनियों की भी स्थापना की जाएगी.

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा कि देश के हर नागरिक को स्वच्छ पेय जल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है. सरकार 2024 तक ‘ हर घर जल ‘ के लक्ष्य पर काम कर रही है.

उन्होंने कहा कि सरकार ने हर गांव में ठोस कचरा प्रबंधन के लिए स्वच्छ भारत मिशन का विस्तार करने का भी प्रस्ताव किया है.

वित्त मंत्री ने शुक्रवार को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश करते हुए कहा कि सभी शहरों का 95 प्रतिशत हिस्सा खुले में शौच से मुक्त हो गया है और अक्टूबर 2014 के बाद से 9.6 करोड़ शौचालय बनाए गए हैं.

सरकार इस साल अक्टूबर तक स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्य को हासिल करने की ओर बढ़ रही है.

सीतारमण ने यह भी कहा कि 10,000 नई कृषक उत्पादक कंपनियों की भी स्थापना की जाएगी.

उन्होंने कहा कि सरकार तेज शहरीकरण को चुनौती के बजाए अवसर के रूप में देख रही है.

वित्त मंत्री ने कहा कि भारत की अंतरिक्ष क्षमता का व्यावसायिक लाभ उठाने के लिए न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) की स्थापना की गई है. यह इसरो के अवसरों का लाभ उठाएगी.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2019-20 का आम बजट शुक्रवार को लोकसभा में पेश करते हुए कहा कि भारत की जनता ने जनादेश के माध्यम से हमारे देश के भविष्य के लिए अपने दो लक्ष्यों-‘‘राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक वृद्धि’’ पर मुहर लगायी है.

उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था इस वित्त वर्ष में 3,000 अरब डॉलर की हो जाएगी.

सीतारमण ने वित्त मंत्री के तौर पर अपना पहला बजट पेश करते हुए निचले सदन में यह बात कही.

वित्त मंत्री ने कहा कि पांच साल पहले भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार 1,850 अरब डॉलर था. अब यह 2,700 अरब डॉलर हो चुका है. अगले कुछ साल में अर्थव्यवस्था में 5,000 अरब डॉलर पर पहुंचने की क्षमता है.

उन्होंने कहा, ‘‘हमने 2014 और 2019 के बीच केंद्र-राज्य संबंधों को नयी गति दी, सहयोगपूर्ण संघवाद, जीएसटी परिषद और राजकोषीय अनुशासन के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता जतायी है.’’

उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य है, मजबूत देश के लिए मजबूत नागरिक.

नरेन्द्र मोदी सरकार के इस दूसरे कार्यकाल में वित्त मंत्री द्वारा पेश किये जा रहे इस बजट से उम्मीद की जा रही है कि इसमें अगले पांच साल के देश की अर्थव्यवस्था की दिशा और गति को तय करने के लिए महत्वपूर्ण उपायों की घोषणा की जाएगी.