पिता की कैबिनेट में मंत्री बने आदित्य ठाकरे का कैसा रहा सियासी सफर, यहां पढ़िए

महा विकास अघाडी के मंत्रिमंडल में हर वर्ग, हर आयु के नेताओं को जगह देने की कोशिश की गई. कैबिनेट में एक युवा चेहरा भी हो इसके लिए आदित्य को भी मंत्री पद दिया गया.
Cabinet Minister Aditya thackeray, पिता की कैबिनेट में मंत्री बने आदित्य ठाकरे का कैसा रहा सियासी सफर, यहां पढ़िए

महाराष्ट्र में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (Cabinet Minister Aditya Thackeray) के नेतृत्व वाली महा विकास अघाडी के मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया. इसमें 26 कैबिनेट और 10 राज्य मंत्रियों ने शपथ ले ली है. उद्धव कैबिनेट में उनके बेटे आदित्य ठाकरे को भी शामिल किया गया. जोकि सुर्खियों में रहा. छात्र राजनीति से निकले आदित्य ठाकरे पहली बार जनता की अदालत पर उतरे और जीत भी दर्ज की. उद्धव कैबिनेट में वो सबसे युवा मंत्री हैं.

महा विकास अघाडी के मंत्रिमंडल में हर वर्ग, हर आयु के नेताओं को जगह देने की कोशिश की गई. कैबिनेट में एक युवा चेहरा भी हो इसके लिए आदित्य को भी मंत्री पद दिया गया. आदित्य ठाकरे जब शपथ लेने के लिए मंच पर आए तो लोगों की नजरें उन पर टिकी हुई थी. पिता की पोशाक तो वही थी माथे पर तिलक और भगवा कुर्ता लेकिन बेटा बिल्कुल अलग. आदित्य ठाकरे काले रंग का बंद गले को सूट पहने हुए थे.

महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे परिवार का परचम हमेशा से ही लहराता रहा है. लेकिन ठाकरे परिवार का कोई सदस्य कभी भी चुनाव नहीं लड़ा. पहली बार आदित्य ठाकरे को चुनाव लड़ाया गया और उन्होंने ठाकरे सियासत पर जीत से शुरूआत की.

वर्ली से शिवसेना विधायक आदित्य ठाकरे ने भी कैबिनेट मंत्री की शपथ ली है. 2010 की बात है, उस समय आदित्य सिर्फ 20 साल के थे और सेंट जेवियर्स कॉलेज में पढ़ ही रहे थे. आदित्य ठाकरे सबसे पहले सुर्खियों में तब आए जब उन्होंने रोहिंटन मिस्त्री की किताब ‘सच अ लॉन्ग जर्नी’ का जबरदस्त विरोध किया था. उन्होंने शिवसेना के छात्र विंग की कमान संभाली थी और अपने पीछे पूरे संगठन को इस तरह खड़ा किया. आदित्य की अगुवाई में आंदोलन ने इतना बड़ा स्वरूप लिया कि मुंबई विश्वविद्यालय ने उस किताब को सिलेबस से बाहर करने का निश्चय किया.

आदित्य ठाकरे ने युवा सेना को और ज्यादा विस्तार दिया. हजारों युवाओं को इससे जोड़ा. 2017 और 2018 में शिवसेना का छात्र संगठन युवा सेना बहुत तेजी से शिखर तक पहुंच गई. जब मुंबई विश्वविद्यालय के सीनेट के चुनाव में युवा सेना ने सभी 10 सीटें जीत लीं. उसके सामने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद थी, जिसे एक भी सीट नहीं मिली थी.

मात्र 29 साल के आदित्य ठाकरे शिवसेना की युवा सेना के प्रमुख हैं. वह लगातार सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं. सोमवार को जब उन्होंने शपथ ली तो अपना पूरा नाम आदित्य रश्मि उद्धव ठाकरे लिया. यानी अपने पूरे नाम में उन्होंने अपनी माता का नाम भी लिया.

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