7 हजार करोड़ के कर्ज तले दबे थे CCD फाउंडर सिद्धार्थ, मेंगलुरू में उतरे और ड्राइवर से कहा Wait करो…

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार और बीएल शंकर भी एसएम कृष्णा के घर पहुंचे हैं.

नई दिल्ली: कैफे कॉफ़ी डे के संस्थापक वीजी सिद्धार्थ मेंगलुरू से लापता हो गए हैं. सिद्धार्थ को आख़िरी बार नेथरवती नदी के पास देखा गया था.

कर्नाटक पुलिस ने नदी और आसपास के इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है. उनके ड्राइवर का कहना है कि सिद्धार्थ सोमवार शाम को करीब 6 बजे नदी के पुल के पास गाड़ी से उतर गए थे.

सिद्धार्थ ने ड्राइवर से कहा था कि वह जल्द ही लौट आएंगे. इसके बाद करीब आधा घंटा ड्राइवर ने उनका इंतजार किया. करीब 6:30 तक भी सिद्धार्थ नहीं लौटे तो ड्राइवर ने उनके परिवार को उसकी सूचना दी.

बेंगलुरू से लगभग 350 किलोमीटर दूर स्थित तटीय शहर में एक पुलिस अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा, ‘सिद्धार्थ की गुमशुदगी का मामला उनके ड्राइवर ने मेंगलुरू में एक स्थानीय पुलिस स्टेशन में दर्ज कराया था. उनकी या उनके शव की तलाश जारी है.’

शिकायतकर्ता बसवराज पाटिल द्वारा पुलिस स्टेशन में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, सिद्धार्थ नेथरवती नदी के पुल पर कार से उतर गए और यह कहकर कि वह थोड़ी देर सैर करना चाहते हैं, उसे पुल के दूसरे छोर पर इंतजार करने के लिए बोलकर चले गए, लेकिन एक घंटे बाद भी नहीं लौटे.

पुलिस को शक है कि सिद्धार्थ बहती नदी में कूद गए होंगे तभी ड्राइवर को वहां नहीं मिले.

सिद्धार्थ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा के दामाद हैं.

पुलिस नदी और उसके आसपास के इलाके में सघन तलाशी अभियान चला रही है. इसके अलावा वीजी सिद्धार्थ के फोन की कॉल डीटेल भी जांच की जा रही है.

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार और बीएल शंकर भी एसएम कृष्णा के घर पहुंचे हैं.


आयकर विभाग के अधिकारियों ने सितंबर 2017 में सिद्धार्थ के दफ्तर पर छापेमारी की थी. सिद्धार्थ की गिनती देश के सबसे ज्यादा कॉपी बीन की सप्लाई करने वाले लोगों में की जाती है.

बताया जा रहा है कि CCD पर 7000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज था.

उन्होंने 18 मार्च को 10 रुपये की फेस वैल्यू पर 980 रुपये प्रति शेयर की दर से शहर में सॉफ्टरवेयर कंपनी माइंडट्री लिमिटेड में अपने कुल 20 प्रतिशत शेयर मुंबई की कंपनी लार्सन एंड टॉब्रो (एल एंड टी) को 3,300 करोड़ रुपये में बेच दिए थे.

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