ऑफसेट की शर्तों को पूरा नहीं कर रही डसॉल्ट एविएशन: राफेल डील पर CAG की रिपोर्ट

रिपोर्ट में कहा गया है कि दसॉल्ट एविएशन और एमबीडीए ने सौदे के दौरान कई ऑफसेट शर्तों पर हामी भरी थी और कहा था कि कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक ये पूरी होंगीं. लेकिन उन्होंने इन शर्तों को पूरा नहीं किया है.

Rafale fighter jet

राफेल डील (Rafale Deal) को लेकर CAG ने बुधवार को एक रिपोर्ट जारी की है. रिपोर्ट में कहा गया है कि डसॉल्ट एविएशन (Dassault Aviation) ने 60,000 करोड़ की राफेल डील में ऑफसेट की शर्तों का पालन नहीं किया है. CAG रिपोर्ट में कहा गया है कि 36 राफेल लड़ाकू विमान की डील के ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट की शुरुआत में (सितंबर 2015) यह प्रस्ताव था कि डीआरडीओ को हाई टेक्नॉलजी देकर वेंडर अपना 30 प्रतिशत ऑफसेट पूरा करेगा.

लेकिन अभी तक टेक्नॉलजी ट्रांसफर कन्फर्म नहीं हुआ है. डीआरडीओ को यह टेक्नॉलजी स्वदेशी तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट के लिए इंजन (कावेरी) डेवलप करने के लिए चाहिए थी. अभी तक वेंडर ने ट्रांसफर ऑफ टेक्नॉलजी कन्फर्म नहीं की है.

सौदे के दौरान कई ऑफसेट शर्तों पर हामी भरी थी

दरअसल बुधवार को CAG की इस रिपोर्ट को संसद के सामने रखा गया था. जिसमें सरकारी ऑडिटर ने कहा है कि डसॉल्ट एविएशन और एमबीडीए ने सौदे के दौरान कई ऑफसेट शर्तों पर हामी भरी थी और कहा था कि कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक ये पूरी होंगीं. लेकिन उन्होंने इन शर्तों को पूरा नहीं किया है.

समाधान ढूंढने की जरूरत है

सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ऑफसेट पॉलिसी से मनमाफिक नतीजे नहीं निकल रहे हैं इसलिए मंत्रालय को पॉलिसी और इसे लागू करने के तरीकों की समीक्षा करने की जरूरत है. जहां पर दिक्कत आ रही है उसकी पहचान कर उसका समाधान ढूंढने की जरूरत है.

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