Madhya Pradesh: कैसे होगी राज्यसभा की नैय्या पार, विधायकों के गणित में उलझी कमलनाथ सरकार

Congress सरकार पर ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) की बगावत के चलते संकट मंडरा रहा है. मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) ने राज्यपाल को पत्र लिखकर BJP पर कांग्रेस विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप भी लगाया है.
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मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की कमलनाथ सरकार विधायकों के अंकगणित में उलझी हुई है. सरकार का भविष्य उन 22 विधायकों के हाथ में है जो इस्तीफा दे चुके हैं. इन विधायकों का साथ या विरोध, कांग्रेस की सरकार को बचा और गिरा सकता है. यही वजह है कि कमलनाथ सरकार बीते एक सप्ताह से संकट से घिरी दिख रही है. बाहरी विधायकों के समर्थन से चल रही कांग्रेस के 22 विधायकों (MLAs) के बगावती तेवर की वजह से संकट गहराया हुआ है.

इस्तीफा दे चुके 19 विधायक बेंगलुरू में हैं. इनमें से 13 विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष एन.पी. प्रजापति ने नोटिस जारी कर उपस्थित होने को कहा था, लेकिन ये विधायक नहीं पहुंचे. विधायकों की संख्या बल के आधार पर कांग्रेस को दो और BJP को एक सीट मिलनी तय थी, लेकिन मौजूदा हालात बदलने से BJP के खाते में दो सीटें जाने के आसार बनने लगे हैं.

विधानसभा का बजट सत्र 16 मार्च से शुरू होने वाला है. वहीं, राज्यसभा के सदस्यों के चुनाव के लिए 26 मार्च को मतदान होना है. नामांकन भरे जा चुके हैं. 22 विधायकों की सरकार बचाने और गिराने के अलावा राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के दूसरे उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने में बड़ी भूमिका रहने वाली है.

विधानसभा के पूर्व प्रमुख सचिव भगवानदास इसरानी ने कहा, विधानसभा अध्यक्ष इस्तीफा देने वालों को उपस्थित होने का मौका दे रहे हैं. जहां तक राज्यसभा चुनाव का सवाल है, कांग्रेस व्हिप जारी करती है और विधायक अनुपस्थित रहते हैं तो उनकी सदस्यता खत्म हो सकती है. राज्यसभा चुनाव तो होगा ही.

228 में से इस्तीफा दे चुके 22 विधायकों की गिनती न की जाए, तो कुल विधायकों की संख्या 206 रह जाएगी और बहुमत के लिए 104 की जरूरत होगी. BJP के पास बहुमत से तीन विधायक ज्यादा होंगे, वहीं कांग्रेस को बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने में पांच और विधायकों की जरूरत होगी.

कांग्रेस सरकार पर गहराए संकट का बड़ा कारण ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) की बगावत है. कांग्रेस के साथ 18 साल का सफर तय करने के बाद हाल ही में सिंधिया ने पार्टी का साथ छोड़ BJP का दामन थामा है. BJP में शामिल होने के तुरंत बाद सिंधिया ने राज्यसभा के लिए नामांकन भी दाखिल कर दिया है. वहीं सिंधिया समर्थक 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है. वे लगातार अपने वीडियो जारी कर सिंधिया में आस्था जता रहे हैं.

दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी अपने विधायकों को अपने ही पक्ष में लाने का हर संभव प्रयास कर रही है. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यपाल लालजी टंडन को पत्र लिखकर BJP पर कांग्रेस विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप भी लगाया. साथ ही बंधक बनाए गए विधायकों को वापस लाने की अपील की. छह मंत्रियों को उनके पद से बर्खास्त किया जा चुका है.

(IANS)

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