लुधियाना सिटी सेंटर घोटाले में पंजाब CM कैप्टन अमरिंदर सिंह बरी

सिटी सेंटर के मामले में भ्रष्टाचार की बात सितंबर 2006 में तब सामने आई थी जब कैप्टन अमरिंदर की सरकार थी.
captain amrinder singh, लुधियाना सिटी सेंटर घोटाले में पंजाब CM कैप्टन अमरिंदर सिंह बरी

लुधियाना सिटी सेंटर के एग्रीमेंट को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सहित 36 लोगों पर लगे करोड़ों के घोटाले के मामले में लुधियाना कोर्ट ने फैसला सुनाया है.

इस मामले में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने मामले में कैप्टन अमरिंदर सिंह और दूसरे लोगों को बरी किया गया है.

इस केस से जुड़े चौधरी जगजीत सिंह सहित चार आरोपियों की मृत्यु भी हो चुकी है. मामले में विजिलेंस ब्यूरो ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी.

लुधियाना सिटी सैंटर घोटाले मामले में अधिकतर गवाह सरकार बदलते ही अपने पुराने बयानों से पलट गए थे. 16 मार्च 2017 को कैप्टन सरकार बनने के 60 दिन बाद 15 मई 2017 को विजिलैंस ने सिटी सैंटर घोटाले की दोबारा जांच शुरू की थी, जिसमें पुराने 17 गवाहों को दोबारा बुलाया गया. कई गवाहों ने कहा कि पुराने बयान उनके नहीं है तो कुछ गवाहों ने कहा कि पूर्व सरकार और विजिलेंस ने दबाव के चलते पहले बयान दर्ज हुए थे, जो गलत हैं.

इस मामले का सबसे बड़ा पहलू ये है कि सिटी सेंटर के मामले में भ्रष्टाचार की बात सितंबर 2006 में तब सामने आई थी जब कैप्टन अमरिंदर की सरकार थी. उसके बाद मामले की जांच शुरु हुई 2007 में सत्ता परिवर्तन के बाद शिरोमणी अकाली दल की सरकार बन्ने के बाद मामला दर्ज किया गया, जिसमें कैप्टन का नाम भी शामिल था.

ये भी पढ़ें-

ठाकरे परिवार से पहले मुख्यमंत्री होंगे उद्धव, पढ़ें बाल ठाकरे से कितनी अलग है सियासत

‘पलट के आऊंगी, शाखों पे खुशबुएं लेकर’, पति की कुर्सी जाने पर बोलीं अमृता फडणवीस

Related Posts