मध्‍य प्रदेश IT छापों में 281 करोड़ के रैकेट का पर्दाफाश, राजनीतिक दल से जुड़े तार

छापों में शराब की 252 बोतलें, हथियार और बाघ के खाल बरामद किए जा चुके हैं. मध्य प्रदेश मे बड़े पैमाने पर संगठित तरीके से कारोबारियों, राजनेताओं और नौकरशाहों के बीच 281 करोड़ रुपये का ब्यौरा मिला है.

भोपाल: आयकर विभाग की टीमों ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और इंदौर सहित देश के अन्य हिस्सों में सोमवार को छापे मारे. इन छापों में 14 करोड़ 60 लाख से ज्यादा की नगदी, शराब की बोतलों सहित हथियार, बाघ की खाल बरामद की गई है. वहीं सैकड़ों करोड़ के लेन-देन का भी खुलासा हुआ है.

आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबी प्रवीण कक्कड़, गैर सरकारी संगठन के संचालक अश्विनी शर्मा, प्रतीक जोशी आदि के निवास व कार्यालय पर रविवार की सुबह दबिश दी थी. छापे में 146 करोड़ रुपये बरामद किए जा चुके हैं.

आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार, शराब की 252 बोतलें, हथियार और बाघ के खाल बरामद किए जा चुके हैं. मध्य प्रदेश मे बड़े पैमाने पर संगठित तरीके से कारोबारियों, राजनेताओं और नौकरशाहों के बीच 281 करोड़ रुपये का ब्यौरा मिला है.

हवाला के जरिए भेजी गई रकम
इसके अलावा दिल्ली में एक बड़े राजनीति दल के मुख्यालय को भी हाल ही में हवाला के जरिए 20 करोड़ रुपये भेजने का भी पता चला है. इस राशि को राजधानी के तुगलक रोड स्थित संबंधित वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी के आवास भेजा गया था.

धन जमा और वितरित करने के संबंध में डायरियों, कंम्प्यूटर फाइलों और एक्सल सीट पाए गए हैं और इन सामानों को भी जब्त कर लिया गया है.

दिल्ली में भी हुई छापेमारी
सूत्रों के अनुसार, संबंधित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी के एक निकट संबंधी की कंपनी पर दिल्ली में की गई छापेमारी की कार्रवाई में 230 करोड़ रुपये के अघोषित लेन-देन, फर्जी बिलिंग के जरिए 242 करोड़ रुपये से अधिक की चोरी और टैक्स हैवन 80 से अधिक कंपनियों का पता चला है.

उल्लेखनीय है कि कमलनाथ के विशेष कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी (ओएसडी) प्रवीण कक्कड़ के इंदौर स्थित और मुख्यमंत्री के पूर्व सहयोगी राजेंद्र कुमार मेघलानी के नई दिल्ली स्थित आवास पर छापेमारी की गई थी.

करोड़ों की हेरफेर की आशंका
सूत्रों के अनुसार, पिछले दिनों जबलपुर में चार करोड़ से ज्यादा की रकम पकड़ी गई थी जो हवाला के जरिए भेजी गई थी. आयकर विभाग को आशंका है कि इसी तरह हवाला और फर्जी कंपनियों के जरिए कई करोड़ की हेरफेर हुई होगी.

जिन स्थानों पर छापेमारी चल रही है, वह पूरी तरह सीआरपीएफ की सुरक्षा में रहे. पुलिस बल को उसके आसपास भी जाने की अनुमति नहीं है. रविवार रात को सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस के बीच विवाद की स्थिति भी बन गई थी.

(आईएएनएस)