बांग्लादेश बॉर्डर मवेशी तस्करी मामला: CBI ने 15 जगहों पर की छापेमारी, BSF अफसर पर भी केस

सीबीआई (CBI) ने प्रारंभिक जांच के बाद अवैध कारोबार में भारत-बांग्लादेश (India Bangladesh) सीमा पर तैनात अधिकारियों की संलिप्तता का खुलासा होने के बाद सतीश कुमार, मोहम्मद इनामुल हक, अरनुल एसके, मोहम्मद गोलम मुस्तफा और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

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सीबीआई (CBI) ने बुधवार को बांग्लादेश बॉर्डर (Bangladesh Border) पर अवैध मवेशी तस्करी मामले में एक बीएसएफ (BSF) अधिकारी और 3 लोगों के संलिप्त होने का खुलासा किया है. साथ ही दिल्ली, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और पंजाब में 15 स्थानों पर छापेमारी की. इस छापेमारी (Raids) में सीमा सुरक्षा बल (BSF) कमांडेंट सतीश कुमार का आवास भी शामिल है. अधिकारी ने कहा कि एजेंसी ने रायपुर, गाजियाबाद, दिल्ली, मुर्शिदाबाद और रायपुर में तैनात कुमार के सिलीगुड़ी परिसर में तलाशी ली.

सीबीआई ने प्रारंभिक जांच के बाद अवैध कारोबार में भारत-बांग्लादेश (India Bangladesh) सीमा पर तैनात अधिकारियों की संलिप्तता का खुलासा होने के बाद सतीश कुमार, मोहम्मद इनामुल हक, अरनुल एसके, मोहम्मद गोलम मुस्तफा और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

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सतीश कुमार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने बीएसफ कमांडेंट के कार्यकाल के दौरान 2000 से अधिक मवेशियों को तस्करी से पहले बीएसएफ द्वारा जब्त किया गया था, जिन्हें बांग्लादेश बॉर्डर पर अवैध रूप से बेचा जाता. इस अवैध व्यापार में शामिल किसी भी व्यक्ति या वाहन को जब्त या गिरफ्तार नहीं किया गया.

अधिकारियों पर तस्करों से रिश्वत लेने का आरोप

सीबीआई ने कहा, “मामले में नामित तस्करों ने आरोपी अधिकारियों को पैसे दिए थे. सीमा शुल्क अधिकारियों भी तस्करों से माल का 10 प्रतिशत हिस्सा घूस (Bribe) के रुप में लेते थे.” सीबीआई ने दावा किया कि नीलामी में केवल कुछ ही तस्करों (Smuggler) को मवेशियों (Cattles) को बहुत ही कम कीमत पर खरीदने की अनुमति दी जाती थी. स्थानीय बाजारों में मवेशियों के रिकॉर्ड रखने के बाद जानवरों को बांग्लादेश में बेच दिया जाता था.

(आईएएनएस इनपुट के साथ)

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