अमेरिकी असॉल्ट राइफल समेत 2290 करोड़ के हथियार खरीद को केंद्र की मंजूरी

सोमवार को DAC ने पूरी तरह से भारत में बने स्मार्ट एंटी एयरफील्ड वेपन की 970 करोड़ की डील और स्टेटिक हाई फ्रीक्वेंसी ट्रांस रिसीवर की 540 करोड़ रुपए की खरीद को भी हरी झंडी दिखा दी है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 10:09 pm, Mon, 28 September 20
SiG सॉसर असॉल्ट राइफल
SiG सॉसर असॉल्ट राइफल

पूर्वी लद्दाख में चीन से तनाव के बीच रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को 2,290 करोड़ रुपए की हथियार खरीद को मंजूरी दे दी है. इसमें अमेरिका से खरीदी जाने वाली 72,000 असॉल्ट राइफल की खरीद भी शामिल है. राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने अमेरिकी फर्म SiG सॉसर से 780 करोड़ रुपए की असॉल्ट राइफल खरीद सौदे को क्लियर कर दिया है.

13 लाख जवानों की भारतीय सेना पहले ही 72,400 SiG सॉसर असॉल्ट राइफल खरीद चुकी है, जोकि 7.62×51 एमएम कैलिबर गन होती है जो कि 500 मीटर दूर तक की मारक क्षमता रखती है. भारत ने पिछले साल फरवरी महीने में फास्ट ट्रैक बेसिस पर 647 करोड़ की डील में ये राइफल खरीदी थीं.

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सोमवार को DAC ने पूरी तरह से भारत में बने स्मार्ट एंटी एयरफील्ड वेपन की 970 करोड़ की डील और स्टेटिक हाई फ्रीक्वेंसी ट्रांस रिसीवर की 540 करोड़ रुपए की खरीद को भी हरी झंडी दिखा दी है. दरअसल रूसी AK-203 की मैन्युफेक्चरिंग में हो रही देरी के चलते भारत ने पहले ही 72,000 SiG राइफल खरीदने का मन बना लिया था.

इस साल मार्च में चीन और पाकिस्तान की सीमा पर तैनात जवानों के लिए भारत ने 16,479 इजराइली नेगेव 7.62X51 एमएम लाइट मशीन गन (LMG) की खरीद के लिए 880 करोड़ रुपए की डील भी की थी.

दरअसल पहले भारतीय सैनिकों को 7.62×39 एमएम कैलिबर की AK-203 राइफल दिए जाने की उम्मीद थी, लेकिन मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत 6.71 लाख AK-203 राइफलों को अमेठी की आर्डनेंस फेक्ट्री में बनाया जाना था, लेकिन इस प्रोजेक्ट की अभी शुरुआत ही नहीं हुई है.

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