केंद्र की कमेटी का दावा, भारत में कोरोना का पीक खत्म, अगले साल की शुरुआत तक हो सकता है काबू

समिति ने आगे कहा कि हालांकि, सर्दियों की शुरुआत और आने वाले त्यौहारों में संक्रमण के फैलने का खतरा बढ़ सकता है और अगर ऐसा हुआ तो एक बार फिर कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 4:38 pm, Sun, 18 October 20
कोरोनावायरस (सांकेतिक तस्वीर)

केंद्र सरकार की तरफ से नियुक्त एक समिति ने कहा कि भारत ने कोरोनावायरस के पीक को पार कर लिया है. साथ ही यह भी अनुमान लगाया कि अगर सभी उपायों का सही तरह से पालन किया जाता है, तो अगले साल की शुरुआत में इस महामारी पर नियंत्रण पाया जा सकता है.

समिति ने आगे कहा कि हालांकि, सर्दियों की शुरुआत और आने वाले त्यौहारों में संक्रमण के फैलने का खतरा बढ़ सकता है और अगर ऐसा हुआ तो एक बार फिर कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है. साथ ही इस दौरान सुरक्षा उपायों में ढील देने से संक्रमण बढ़ सकता है. समिति ने कहा, “इससे एक महीने में 26 लाख तक मामले बढ़ सकते हैं.” इसके साथ यह भी कहा कि केवल 30 प्रतिशत आबादी की ही इम्यूनिटी विकसित हो पाई है.

कमेटी ने रेखांकित किया कि सुरक्षा से जुड़ी सभी उपाय जारी रहने चाहिए. पैनल ने निष्कर्ष निकाला और कहा “यदि सभी प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है, तो अगले साल की शुरुआत में फरवरी के अंत तक कम से कम सक्रिय मामलों के साथ महामारी को नियंत्रित किया जा सकता है.”

देश में शुरू की जाएं सभी गतिविधियां

महामारी खत्म होने तक संक्रमण की कुल संख्या लगभग 105 लाख (10.5 मिलियन) हो सकती है. मौजूदा आंकड़ा 75 लाख है. पैनल ने कहा कि हालांकि, पूरे देश में लॉकडाउन की अब जरूरत नहीं हैं और केवल कुछ क्षेत्रों में ही होना चाहिए. साथ ही देश को अब सभी गतिविधियों को फिर से शुरू करने की ओर बढ़ना चाहिए.

पैनल ने कहा कि कुछ ऐसे सबूत हैं कि बड़ी सभाओं में संक्रमण तेजी से फैलता है. केरल की ओर इशारा करते हुए, जहां 22 अगस्त से 2 सितंबर तक ओणम त्योहार मनाने के बाद 8 सितंबर को मामलों में बढ़ोतरी देखी गई थी. कमेटी ने कहा कि सितंबर में केरल में संक्रमण की संभावना 32 प्रतिशत तक बढ़ गई, जबकि मेडिकल रिस्पांस में 22 प्रतिशत की कमी आई.

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