केंद्र सरकार-CM बनने की चाहत रखने वाले गिराना चाहते हैं कर्नाटक सरकार: मल्लिकार्जुन खड़गे

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने टीवी9 भारतवर्ष से बातचीत करते हुए कहा कि कर्नाटक की सरकार नहीं गिरेगी.

नई दिल्ली: कर्नाटक में सियासी घमासान मचा हुआ है. कांग्रेस-जेडीएस के 11 विधायकों से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद सरकार गिरने का खतरा मंडरा गया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने टीवी9 भारतवर्ष से बातचीत करते हुए कहा कि कर्नाटक की सरकार नहीं गिरेगी. बीजेपी वहां सरकार गिराने की कोशिश कर रही है लेकिन ऐसा नहीं होगा.

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ” सभी विधायक बहुत अच्छे लोग हैं, अगर इनको कोई पैसे से लुभाने की कोशिश करे तो ये झुकने वाले नहीं है. थोड़ी बहुत समस्या है कि उनके काम नहीं हो रहे उनको डेवलपमेंट के लिए जो चाहिए यो जो गलती हुई है उनको ठीक करने के लिए कहा है, एचडी कुमारस्वामी के आने के बाद और कांग्रेस के सभी नेता संपर्क में हैं. सरकार गिराने के कोशिश कर रहे हैं सेंट्रल गर्वमेंट और कर्नाटक में मुख्यमंत्री बनने की चाह रखने वाले ऐसा कर रहे हैं. ”

लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार कांग्रेस पार्टी की इमरजेंसी मीटिंग हो रही है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद, एके एंटनी, मल्लिकार्जुन खड़गे और आनंद शर्मा सहित कई दिग्गज नेता इस बैठक में मौजूद रहेंगे. इस बैठक में गांधी परिवार नहीं होगा शामिल.

कर्नाटक में जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सरकार का संकट गहराता जा रहा है. शनिवार को कांग्रेस के 8 और जेडीएस के तीन विधायक इस्तीफ़ा देने विधानसभा पहुंचे. हालांकि बताया जा रहा है कि फ़िलहाल विधानसभा अध्यक्ष बाहर हैं. वहीं कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी भी अमेरिका दौरे पर हैं. ऐसे में विधायकों को मनाने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर और कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार विधायकों से बातचीत करने स्पीकर कार्यालय पहुंचे हैं.

कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष के.आर रमेश कुमार ने 11 विधायकों के इस्तीफे की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि 11 विधायकों ने मेरे कार्यालय में त्यागपत्र दिया है. मैं मंलगवार को ऑफिस आऊंगा. कानून के मुताबिक हम विधायकों को वापस नहीं लौटा सकते हैं. हम नियम कायदों के मुताबिक काम कर रहे हैं. रविवार को छुट्टी है और चूंकि मैं बेंगलुरु में नहीं हूं इसलिए सोमवार को भी दफ्तर में नहीं रहूंगा. मंगलवार को दफ्तर जाएंगे तो फिर इस मामले को देखा जाएगा.

कांग्रेस के मुताबिक पिछले काफी समय से कर्नाटक में जोड़तोड़ की कोशिश होता रही है लेकिन क्या असली वजह यही है?पिछले साल कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 70 और जेडीएस को 35 सीटें हासिल हुई थी जबकि बीजेपी ने 104 सीटें जीती थी. माना जाता है कि 2018 में अगर कांग्रेस के संकटमोचक डीके शिवकुमार ने सक्रियता नहीं दिखाई होती तो कांग्रेस-जेडीएस की सरकार नहीं बनती.