केंद्रीय मंत्री का दावा, दिल्ली में 2 वर्षो में राजकोषीय घाटा 55 गुना बढ़ा

जावड़ेकर ने यह भी दावा किया कि दिल्ली सरकार का राजकोषीय घाटा पिछले दो वर्षों में 80 गुना बढ़ गया है. केंद्रीय मंत्री ने कहा, "उन्होंने (आप) ने जो वादे किए थे वे उनके नियंत्रण से परे थे, जैसे कि वन रैंक वन पेंशन. इस तरह के और भी वादे किए गए थे."

 

नई दिल्ली: दिल्ली में राजकोषीय घाटा पिछले दो वर्षों में 55 गुना बढ़ गया है और आम आदमी पार्टी द्वारा 2015 में जनता से किए गए 70 वादों में से 67 पूरे नहीं हो सके हैं. इसका दावा शुक्रवार को एक रिपोर्ट में किया गया है. यह रिपोर्ट केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उपाध्यक्ष श्याम जाजू एवं विनय सहस्रबुद्धे ने सार्वजनिक नीति अनुसंधान केंद्र में जारी की.

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जावड़ेकर ने कहा कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आप सरकार ने जनता से किए गए 70 में से 67 वादों को पूरा नहीं किया है. आप सरकार पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता ने कहा, “वे शासन में पारदर्शिता का वादा करके आए थे, लेकिन उन्होंने खुद 1200 आरटीआई आवेदनों में से 900 को रोक दिया.”

जावड़ेकर ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने प्रदूषण शमन और डेंगू की रोकथाम के लिए श्रेय लेने की कोशिश की जबकि इस मामले में उसने कुछ भी किया नहीं है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने ईस्टर्न व वेस्टर्न पेरिफेरल हाईवे बनाए जिसके कारण हजारों वाहन दिल्ली नहीं आए और इससे प्रदूषण कम हुआ. लेकिन, केजरीवाल सरकार ने अखबारों में विज्ञापन देकर कहा कि आप सरकार ने प्रदूषण पर काबू पाया है.

जावड़ेकर ने यह भी दावा किया कि दिल्ली सरकार का राजकोषीय घाटा पिछले दो वर्षों में 80 गुना बढ़ गया है. केंद्रीय मंत्री ने कहा, “उन्होंने (आप) ने जो वादे किए थे वे उनके नियंत्रण से परे थे, जैसे कि वन रैंक वन पेंशन. इस तरह के और भी वादे किए गए थे.”

दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने वाले हैं. आप ने 2015 के चुनावों में 70 में से 67 सीटें जीती थीं. भाजपा तीन सीटों पर सिमट गई थी, जबकि कांग्रेस शून्य पर पहुंच गई थी.